हीथर नाइट: इंग्लैंड की विश्व कप विजेता कप्तान 16 साल के शानदार करियर को कहेंगी अलविदा
इंग्लैंड की सबसे सफल महिला कप्तानों में से एक हीथर नाइट ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से अपने संन्यास की घोषणा कर दी है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के खिलाफ लॉर्ड्स में चल रहा एकमात्र ट
इंग्लैंड की सबसे सफल महिला कप्तानों में से एक हीथर नाइट ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से अपने संन्यास की घोषणा कर दी है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के खिलाफ लॉर्ड्स में चल रहा एकमात्र टेस्ट मैच उनके 16 साल लंबे और शानदार करियर का आखिरी मुकाबला होगा। नाइट से पहले, टीम की एक और अनुभवी खिलाड़ी टैमी ब्यूमोंट भी इसी टेस्ट के बाद संन्यास लेने का ऐलान कर चुकी हैं।
साल 2010 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखने वाली हीथर नाइट इंग्लैंड की महिला टीम के लिए सबसे ज्यादा मैच खेलने वाली खिलाड़ी के तौर पर विदा ले रही हैं। उन्होंने कुल 320 अंतरराष्ट्रीय मैचों में देश का प्रतिनिधित्व किया, जिसमें 15 टेस्ट, 160 वनडे और 145 टी20 मुकाबले शामिल हैं। अपने करियर के दौरान उन्होंने बल्ले से 7,988 रन बनाए, जिसमें छह शतक भी शामिल हैं।
कप्तानी और रिकॉर्ड्स
हीथर नाइट की कप्तानी का दौर इंग्लैंड महिला क्रिकेट के लिए बेहद सफल रहा। उन्होंने 2016 से 2025 तक टीम का नेतृत्व किया और 199 मैचों में से 134 में जीत दिलाई। उनकी कप्तानी की सबसे बड़ी उपलब्धि 2017 में आई, जब इंग्लैंड ने लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर भारत को हराकर आईसीसी महिला वनडे विश्व कप का खिताब अपने नाम किया था। 2020 में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कैनबरा में अपना पहला T20I शतक जड़ा, जिसके साथ ही वह टेस्ट, वनडे और टी20, तीनों फॉर्मेट में शतक लगाने वाली पहली इंग्लिश महिला क्रिकेटर बनीं।
संन्यास पर हीथर नाइट के शब्द
इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) द्वारा जारी बयान में हीथर नाइट ने अपने सफर को जीवन का सबसे बड़ा सम्मान बताया। उन्होंने कहा, “इंग्लैंड के लिए क्रिकेट खेलना मेरे जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा है। मैं खुद को बेहद भाग्यशाली मानती हूं कि मुझे 16 साल तक अपने देश का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला... यह फैसला आसान नहीं था, लेकिन मैं इससे पूरी तरह संतुष्ट हूं और अपने जीवन के अगले अध्याय को लेकर काफी उत्साहित हूं।”
उन्होंने आगे कहा, “डेवोन की एक छोटी लड़की के तौर पर लड़कों के साथ खेलते हुए मैंने कभी नहीं सोचा था कि मुझे यह अनुभव मिलेगा। लॉर्ड्स में इस ऐतिहासिक टेस्ट मैच के साथ खेल को अलविदा कहना सही लग रहा है।”
इनपुट: IANS



