ओमान तट पर मालवाहक पोत पर हमला: एक भारतीय समेत 23 नाविकों को बचाया गया, एक अब भी लापता
ओमान तट के पास हवाई हमले का शिकार हुए मालवाहक पोत जीएफएस गैलेक्सी से 23 नाविकों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। हालांकि, चालक दल का एक सदस्य अभी भी लापता है, जिसकी तलाश जारी है। ओमान के समुद्री सुरक्षा
ओमान तट के पास हवाई हमले का शिकार हुए मालवाहक पोत जीएफएस गैलेक्सी से 23 नाविकों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। हालांकि, चालक दल का एक सदस्य अभी भी लापता है, जिसकी तलाश जारी है। ओमान के समुद्री सुरक्षा केंद्र ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस घटना में जहाज पर सवार 11 भारतीय नागरिकों में से 10 को बचा लिया गया है, जबकि एक भारतीय नागरिक के लापता होने की सूचना है। भारत के विदेश मंत्रालय ने रविवार को जारी एक आधिकारिक बयान में इस हमले की कड़ी निंदा की थी।
भारत ने की हमले की निंदा
विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, "क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर लगातार हो रहे हमलों की घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं। भारत तनाव कम करने के लिए संवाद कायम करने के रुख पर कायम है।" मंत्रालय ने इस बात पर भी जोर दिया कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता की बहाली के लिए जारी राजनयिक प्रयासों और वार्ताओं को तार्किक और शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाया जाना चाहिए।
भारत ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया और बचाव कार्य में मदद के लिए ओमान का आभार व्यक्त किया। विदेश मंत्रालय ने कहा, "ओमान में हमारा दूतावास स्थिति पर करीब से नजर रख रहा है और चल रहे सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन में ओमानी अधिकारियों के साथ लगातार कोऑर्डिनेट कर रहा है। हम ओमानी अधिकारियों को उनकी मदद के लिए धन्यवाद देते हैं।"
अमेरिकी सेंट्रल कमांड का दावा
उधर, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने एक बयान में दावा किया कि रविवार सुबह होर्मुज पर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर (IRGC) ने इस साइप्रस-ध्वजांकित जहाज पर हमला किया था। सेंटकॉम के मुताबिक, इस हमले में पोत को काफी नुकसान पहुंचा, जिससे वह अपनी आगे की यात्रा जारी नहीं रख सका।
इनपुट: IANS



