नोएडा: हाईराइज सोसाइटियों में डेंगू का खतरा, स्वास्थ्य विभाग ने 15 को भेजा नोटिस
मानसून की बारिश के बीच गौतमबुद्ध नगर में डेंगू का खतरा बढ़ता जा रहा है, और इस बार यह केवल घनी बस्तियों तक सीमित नहीं है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, नोएडा और ग्रेटर नोएडा की पॉश हाईराइज…
मानसून की बारिश के बीच गौतमबुद्ध नगर में डेंगू का खतरा बढ़ता जा रहा है, और इस बार यह केवल घनी बस्तियों तक सीमित नहीं है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, नोएडा और ग्रेटर नोएडा की पॉश हाईराइज सोसाइटियों में भी मच्छरों के लार्वा मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है। विभाग ने अब तक ऐसी 15 सोसाइटियों को नोटिस जारी किया है जहां जलजमाव और मच्छरों के पनपने की स्थितियां पाई गईं।
बारिश के मौसम के साथ ही अस्पतालों में वायरल बुखार, सर्दी-जुकाम और बदन दर्द जैसी मौसमी बीमारियों के मरीज़ भी बढ़ गए हैं। आंकड़ों के मुताबिक, ओपीडी में आने वाले लगभग 30 से 40 प्रतिशत मरीज़ वायरल बुखार से पीड़ित हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के लिए सामान्य वायरल और डेंगू के लक्षणों में फर्क कर समय पर जांच सुनिश्चित करना एक बड़ी चुनौती बन गया है।
सोसाइटियों में सघन जांच अभियान
स्वास्थ्य विभाग ने मच्छरों के प्रजनन स्थलों का पता लगाने के लिए अपना निरीक्षण अभियान तेज़ कर दिया है। टीमों द्वारा हाईराइज सोसाइटियों के बेसमेंट, पार्किंग, छतों, पानी की टंकियों, कूलरों और गमलों की जांच की जा रही है। जहां भी पानी जमा मिला या लार्वा पाए गए, वहां सोसायटी प्रबंधन को नोटिस थमाया जा रहा है। अक्टूबर 2025 में भी चार सोसाइटियों को इसी कारण नोटिस दिए गए थे।
साफ पानी में भी पनपता है डेंगू का मच्छर
विशेषज्ञों का कहना है कि यह धारणा गलत है कि डेंगू फैलाने वाला एडीज एजिप्टी मच्छर सिर्फ गंदे पानी में पनपता है। यह साफ और ठहरे हुए पानी में भी आसानी से प्रजनन कर सकता है। इसलिए गमले की ट्रे, कूलर, बाल्टी या किसी भी छोटे बर्तन में जमा पानी खतरे का सबब बन सकता है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अपने घरों और आस-पास पानी जमा न होने दें और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
बड़ी आबादी के कारण हाईराइज सोसाइटियों में संक्रमण फैलने का जोखिम अधिक होता है। इसी को देखते हुए विभाग ने सोसायटी प्रबंधन और एओए (AOA) को जलभराव खत्म करने और नियमित रूप से एंटी-लार्वा दवा का छिड़काव कराने के निर्देश दिए हैं। इससे पहले जुलाई 2026 में भी बरौला, सूरजपुर और सेक्टर-50 जैसे इलाकों को संवेदनशील मानते हुए अभियान चलाया गया था।
इनपुट: IANS



