लेबनान-इजरायल तनाव के बीच फ्रांस सक्रिय, लेबनानी सेना को मजबूत करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की तैयारी
फ्रांस ने लेबनान की सेना को संसाधन, प्रशिक्षण और लॉजिस्टिक सहायता मुहैया कराने के उद्देश्य से एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करने की तैयारी तेज कर दी है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, यह…
फ्रांस ने लेबनान की सेना को संसाधन, प्रशिक्षण और लॉजिस्टिक सहायता मुहैया कराने के उद्देश्य से एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करने की तैयारी तेज कर दी है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, यह पहल ऐसे समय में हो रही है जब दक्षिणी लेबनान में इजरायल के साथ तनाव बना हुआ है और दोनों देशों के बीच अमेरिका की मध्यस्थता में चल रही वार्ता प्रक्रिया रुकी हुई है।
फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आऊन को पत्र लिखकर 17 सितंबर को पेरिस में होने वाली एक प्रारंभिक बैठक के लिए आमंत्रित किया है। लेबनान के अखबार ‘अन-नहार’ के मुताबिक, इस बैठक के बाद एक बड़े अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की योजना है, जिसका लक्ष्य लेबनान के सशस्त्र बलों की क्षमता को बढ़ाना और देश की संप्रभुता को मजबूत करना है।
कूटनीतिक प्रयास और रुकावटें
इस बीच, लेबनान के राष्ट्रपति आऊन रोम पहुंचे हैं, जहां वह गुरुवार को इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से मुलाकात करेंगे। इस बैठक के एजेंडे में दक्षिणी लेबनान की मौजूदा स्थिति और इजरायल के साथ अटकी हुई वार्ता प्रक्रिया प्रमुख विषय रहने की उम्मीद है। इटली को दक्षिणी लेबनान में प्रस्तावित बफर जोन में निरस्त्रीकरण की निगरानी के लिए एक संभावित उम्मीदवार के तौर पर देखा जा रहा है।
हालांकि, फ्रांस के इन प्रयासों के सामने बड़ी चुनौती इजरायल और लेबनान के बीच बातचीत में आया गतिरोध है। वार्ता के आठवें दौर की कोई तारीख तय नहीं हो सकी है, जिससे युद्धविराम और इजरायली सैनिकों की वापसी जैसे मुद्दों पर अनिश्चितता बनी हुई है।
अमेरिका की भूमिका पर जोर
लेबनान में कूटनीतिक हलचल तेज है। लेबनानी संसद के अध्यक्ष नबीह बेरी ने अमेरिकन टास्क फोर्स फॉर लेबनान के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात में कहा कि केवल अमेरिका ही इजरायल पर उसकी सैन्य कार्रवाई रोकने और उसे अंतरराष्ट्रीय सीमा तक वापस भेजने के लिए प्रभावी दबाव डाल सकता है।
इनपुट: IANS



