अपनी किताब के विमोचन के दौरान पत्रकारों से मिले पूर्व पीएम मनमोहन सिंह

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह नें अपनी किताब के विमोचन के दौरान पत्रकारों से मुलाक़ात की। उन्होंने कई मुद्दों को लेकर अपनी बात रखी और भारतीय अर्थव्यवस्था के आने वाले वक्त के बारे में भी लोगों को बताया।

दिल्ली में अपनी पुस्तक के विमोचन के दौरान मनमोहन सिंह नें कहा की जब मैं प्रधानमंत्री था तो मैं खूब प्रेस कांफ्रेंस करता था। हालांकि जब मैं प्रधानमंत्री नहीं था तो मैं पत्रकारों से बात करने से डरता था। लेकिन प्रधानमंत्री बनने के बाद मैंने लगातार पत्रकारों से मुलाकात की। विदेशी यात्राओं के दौरान भी मैंने पत्रकारों से मुलाक़ात की, मैं जब फ्लाइट में होता था तो भी पत्रकारों से मुलाक़ात करता था।

भारत नें आर्थिक तरक्की हासिल की है

मनमोहन सिंह नें कहा की सन 1991 के बाद से देश नें आर्थिक तरक्की हासिल की है। 1991 के बाद देश नें औसतन 7 प्रतिशत की दर से विकास हासिल किया है। उन्होंने कहा की सभी बाधाओं और व्यवधानों के बावजूद भारत सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। भारत के भाग्य में विश्व अर्थव्यवस्था का पावर हाउस बनने का मौका है।

रिजर्व बैंक और सरकार के बीच अच्छा संबध होना चाहिए

मनमोहन सिंह नें कहा है की, आरबीआई और सरकार के बीच विकास के लिए अच्छा संबध होना चाहिए। आरबीआई और सरकार के बीच संबध पती और पत्नी की तरह होता है। दोनों के बीच जन्में मतभेदों को निपटाना जरुरी होता है। दोनों के बीच सामंजसय होना चाहिए। मनमोहन सिंह का यह बयान तब आया है जब रिजर्व बैंक के आरक्षित धन के स्तर तथा लघु एवं मझोले उद्यमों के लिए कर्ज के नियम आसान बनाने समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर केंद्रीय बैंक तथा वित्त मंत्रालय के बीच मतभेदों की चर्चा के बीच उर्जित पटेल ने आरबीआई के गवर्नर पद से इस्तीफा दे दिया।