फीफा वर्ल्ड कप: स्पेन 14 साल बाद सेमीफाइनल में, मिकेल मेरिनो के आखिरी पलों के गोल से बेल्जियम को हराया
फीफा वर्ल्ड कप 2026 में स्पेन ने 14 साल के लंबे इंतजार को खत्म करते हुए सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। क्वार्टर फाइनल के एक बेहद रोमांचक मुकाबले में स्पेन ने बेल्जियम को 2-1 से हराकर अंतिम चार
फीफा वर्ल्ड कप 2026 में स्पेन ने 14 साल के लंबे इंतजार को खत्म करते हुए सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। क्वार्टर फाइनल के एक बेहद रोमांचक मुकाबले में स्पेन ने बेल्जियम को 2-1 से हराकर अंतिम चार में प्रवेश किया। यह 2010 के बाद पहला मौका है जब स्पेन की टीम वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंची है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, अब सेमीफाइनल में स्पेन का मुकाबला पिछली बार की फाइनलिस्ट टीम फ्रांस से होगा।
मैच का सबसे निर्णायक क्षण खेल के आखिरी मिनटों में आया। 86वें मिनट में मैदान पर उतरे मिकेल मेरिनो ने सिर्फ दो मिनट बाद ही गोल दागकर स्पेन को यादगार जीत दिला दी। बेल्जियम के सब्स्टीट्यूट गोलकीपर पाउ क्यूबार्सी के एक दूर से लगाए शॉट को ठीक से रोक नहीं पाए और गेंद उनके हाथ से छिटक गई, जिसका फायदा उठाते हुए मेरिनो ने कोई गलती नहीं की और गेंद को गोल में पहुंचा दिया। यह लगातार दूसरा मैच है जब मेरिनो ने सब्स्टीट्यूट के तौर पर आकर टीम के लिए विजयी गोल किया है।
मैच का उतार-चढ़ाव
शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाते हुए स्पेन ने 30वें मिनट में बढ़त बना ली थी। लैमिन यामल के शानदार प्रयास के बाद डैनी ओल्मो का शॉट बेल्जियम के गोलकीपर थिबॉट कोर्टुआ ने तो रोक लिया, लेकिन रिबाउंड पर फैबियन रुइज ने गोल कर टीम को 1-0 से आगे कर दिया। हालांकि, बेल्जियम ने भी जल्द ही जवाब दिया। 41वें मिनट में टिमोथी कास्टेग्ने के क्रॉस पर चार्ल्स डी केटेलेयर ने एक बेहतरीन हेडर लगाकर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। इस गोल के साथ ही स्पेन के गोलकीपर उनाई साइमन का लगातार छह मैचों में गोल न खाने (क्लीन शीट) का रिकॉर्ड भी टूट गया। वर्ल्ड कप में उनका 650 मिनट तक बिना गोल खाए रहने का सिलसिला भी यहीं समाप्त हुआ।
कोर्टुआ की चोट और आखिरी क्षणों का ड्रामा
मैच के 71वें मिनट में बेल्जियम को एक बड़ा झटका लगा जब उनके अनुभवी गोलकीपर थिबॉट कोर्टुआ चोट के कारण मैदान से बाहर हो गए। उनकी जगह सेने लैमेंस को मैदान पर उतरना पड़ा। जब ऐसा लग रहा था कि मैच अतिरिक्त समय में जाएगा, तभी मिकेल मेरिनो के 88वें मिनट के गोल ने स्पेन को 2-1 की निर्णायक बढ़त दिला दी और टीम की जीत सुनिश्चित कर दी।
इनपुट: IANS



