Explainer: कैसे हासिल होता है राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा, आम आदमी पार्टी इससे कितनी दूर? h3>
नई दिल्ली: 10 मार्च गुरुवार को 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजे (Five States Election Results) सामने आए। चार राज्यों में बीजेपी और वहीं पंजाब में आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) ने शानदार जीत दर्ज की। आम आदमी पार्टी की पंजाब में सरकार बनने जा रही है और यहां मिली जीत के बाद चर्चा हो रही है कि जल्द उसे राष्ट्रीय दल (National Party) का दर्जा मिल जाएगा। AAP पार्टी के नेताओं की ओर से भी कहा जा रहा है कि वह इस दिशा में आगे बढ़ गए हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि किसी भी दल को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा कैसे हासिल होता है। कितनी सीटें, कितना वोट शेयर के साथ क्या है राष्ट्रीय दल का दर्जा हासिल करने का गणित आइए समझते हैं।
कैसे हासिल होता राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा
राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा हासिल करने के लिए अलग-अलग पैमाना और मापदंड है जिसको पूरा करने वाली पार्टी को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा हासिल होता है। किसी भी राजनीतिक दल को मान्यता निर्वाचन आयोग की ओर से दी जाती है। एक मान्यता प्राप्त दल को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा हासिल करने के लिए कुछ शर्त है जिसको पूरा करना होता है। इलेक्शन कमीशन शर्तों में कम से कम किसी एक शर्त को पूरा करना होता है।
1. कोई भी दल जिसे चार राज्यों में प्रादेशिक (क्षेत्रीय दल) का दर्जा प्राप्त है उस दल को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा हासिल होता है।
2. कोई दल तीन अलग- अलग राज्यों को मिलाकर लोकसभा की 2 फीसदी सीटें जीतती है। यानी कम से कम 11 सीटें जीतना जरूरी होता है लेकिन यह 11 सीटें किसी एक राज्य से न होकर तीन अलग- अलग राज्यों से होनी चाहिए।
3 .यदि कोई पार्टी 4 लोकसभा सीटों के अलावा लोकसभा या विधानसभा चुनाव में चार राज्यों में 6 फीसदी वोट हासिल करती है तो उसे राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिल सकता है।
ऊपर दी गई शर्त में से किसी एक शर्त को पूरा करने वाले दल को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा हासिल होता है। लोकसभा सीटें, वोट प्रतिशत यह तो समझ आता है लेकिन क्षेत्रीय दल (स्टेट पार्टी ) का दर्जा कैसे हासिल होता है। इसके लिए क्या नियम और शर्त है।
स्टेट पार्टी का दर्जा कैसे होता है हासिल
1. चुनाव आयोग से किसी भी मान्यता प्राप्त दल को प्रादेशिक (क्षेत्रीय दल) या यूं कहे कि स्टेट पार्टी का दर्जा हासिल करने के लिए आठ फीसद वोटों की जरूरत होती है। संबंधित राज्य में लोकसभा या विधानसभा चुनाव में 8 प्रतिशत वोट पाने की जरूरत होती है।
2. यदि किसी पार्टी को विधानसभा चुनाव में छह फीसद वोट और दो सीटें मिलती है तो उसे प्रादेशिक पार्टी का दर्जा मिल जाता है।
3. प्रादेशिक दल का दर्जा प्राप्त करने एक और तरीका है कि संबंधित राज्य में विधानसभा में कम से कम तीन सीटें मिल जाएं भले ही वोटों की हिस्सेदारी कुछ भी हो।
भारत में राष्ट्रीय दलों की संख्या कितनी
सिंबल ऑर्डर 1968 के तहत अगर कोई दल राष्ट्रीय पार्टी का अपना दर्जा गंवा देता है तो उसके बाद उसके पास पूरे देश में एक ही चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ने का अधिकार नहीं होता है। 1968 से पहले आयोग कंडक्ट ऑफ इलेक्शन रूल्स के तहत नोटिफिकेशन और एग्जीक्यूटिव ऑर्डर जारी करता था।
चुनाव आयोग के अनुसार फिलहाल आठ राष्ट्रीय दल–तृणमूल कांग्रेस, बहुजन समाज पार्टी, भारतीय जनता पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी एवं नेशनल पीपुल्स पार्टी हैं।
कैसे हासिल होता राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा
राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा हासिल करने के लिए अलग-अलग पैमाना और मापदंड है जिसको पूरा करने वाली पार्टी को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा हासिल होता है। किसी भी राजनीतिक दल को मान्यता निर्वाचन आयोग की ओर से दी जाती है। एक मान्यता प्राप्त दल को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा हासिल करने के लिए कुछ शर्त है जिसको पूरा करना होता है। इलेक्शन कमीशन शर्तों में कम से कम किसी एक शर्त को पूरा करना होता है।
1. कोई भी दल जिसे चार राज्यों में प्रादेशिक (क्षेत्रीय दल) का दर्जा प्राप्त है उस दल को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा हासिल होता है।
2. कोई दल तीन अलग- अलग राज्यों को मिलाकर लोकसभा की 2 फीसदी सीटें जीतती है। यानी कम से कम 11 सीटें जीतना जरूरी होता है लेकिन यह 11 सीटें किसी एक राज्य से न होकर तीन अलग- अलग राज्यों से होनी चाहिए।
3 .यदि कोई पार्टी 4 लोकसभा सीटों के अलावा लोकसभा या विधानसभा चुनाव में चार राज्यों में 6 फीसदी वोट हासिल करती है तो उसे राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिल सकता है।
ऊपर दी गई शर्त में से किसी एक शर्त को पूरा करने वाले दल को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा हासिल होता है। लोकसभा सीटें, वोट प्रतिशत यह तो समझ आता है लेकिन क्षेत्रीय दल (स्टेट पार्टी ) का दर्जा कैसे हासिल होता है। इसके लिए क्या नियम और शर्त है।
स्टेट पार्टी का दर्जा कैसे होता है हासिल
1. चुनाव आयोग से किसी भी मान्यता प्राप्त दल को प्रादेशिक (क्षेत्रीय दल) या यूं कहे कि स्टेट पार्टी का दर्जा हासिल करने के लिए आठ फीसद वोटों की जरूरत होती है। संबंधित राज्य में लोकसभा या विधानसभा चुनाव में 8 प्रतिशत वोट पाने की जरूरत होती है।
2. यदि किसी पार्टी को विधानसभा चुनाव में छह फीसद वोट और दो सीटें मिलती है तो उसे प्रादेशिक पार्टी का दर्जा मिल जाता है।
3. प्रादेशिक दल का दर्जा प्राप्त करने एक और तरीका है कि संबंधित राज्य में विधानसभा में कम से कम तीन सीटें मिल जाएं भले ही वोटों की हिस्सेदारी कुछ भी हो।
भारत में राष्ट्रीय दलों की संख्या कितनी
सिंबल ऑर्डर 1968 के तहत अगर कोई दल राष्ट्रीय पार्टी का अपना दर्जा गंवा देता है तो उसके बाद उसके पास पूरे देश में एक ही चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ने का अधिकार नहीं होता है। 1968 से पहले आयोग कंडक्ट ऑफ इलेक्शन रूल्स के तहत नोटिफिकेशन और एग्जीक्यूटिव ऑर्डर जारी करता था।
चुनाव आयोग के अनुसार फिलहाल आठ राष्ट्रीय दल–तृणमूल कांग्रेस, बहुजन समाज पार्टी, भारतीय जनता पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी एवं नेशनल पीपुल्स पार्टी हैं।