रविवार, 18 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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यूरोजोन में महंगाई 3 साल के शिखर पर, फिर भी यूरोपीय सेंट्रल बैंक क्यों नहीं उठा रहा कड़े कदम?

यूरोजोन में महंगाई दर तीन साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है, लेकिन यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) फिलहाल कोई सख्त कदम उठाने के मूड में नहीं है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, बैंक की अध्यक्ष…

यूरोजोन में महंगाई 3 साल के शिखर पर, फिर भी यूरोपीय सेंट्रल बैंक क्यों नहीं उठा रहा कड़े कदम?
(फोटो: IANS)

यूरोजोन में महंगाई दर तीन साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है, लेकिन यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) फिलहाल कोई सख्त कदम उठाने के मूड में नहीं है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, बैंक की अध्यक्ष क्रिस्टीन लेगार्ड ने कहा है कि जब तक दो प्रमुख संकेत नहीं दिखते, तब तक मौजूदा नीतियां उचित हैं।

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सितंबर महीने में यूरोजोन में मुद्रास्फीति की अंतिम दर 3.8% दर्ज की गई, जो अगस्त के 3.2% के आंकड़े से काफी ज़्यादा है। यूरोस्टेट द्वारा जारी इन आंकड़ों के मुताबिक, यह वृद्धि काफी हद तक ऊर्जा की बढ़ती कीमतों से प्रेरित है।

महंगाई के पीछे ऊर्जा की कीमतें

चाइना मीडिया ग्रुप को दिए एक साक्षात्कार में ECB अध्यक्ष क्रिस्टीन लेगार्ड ने बताया कि महंगाई में इस उछाल का एक बड़ा हिस्सा ऊर्जा की कीमतों के कारण है, जिनमें 18.8% की भारी वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा, "मुझे विशेष रूप से इस बात की चिंता है कि क्या ऊर्जा की कीमतों में हुई यह वृद्धि पूरे आर्थिक तंत्र में फैल जाएगी और इसके परिणामस्वरूप दूसरी लहर जैसे प्रभाव उत्पन्न होंगे।" हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल ऐसा होता नहीं दिख रहा है।

ECB की दो संकेतों पर नजर

क्रिस्टीन लेगार्ड के अनुसार, यूरोपीय सेंट्रल बैंक दो प्रमुख संकेतों पर बारीकी से नजर रख रहा है और इनके दिखने पर ही कार्रवाई की जाएगी।

पहला संकेत ऊर्जा की कीमतों का असर पूरी अर्थव्यवस्था पर दिखना है, जिसे 'दूसरी लहर' का प्रभाव कहा जा रहा है। ECB इस बात का विश्लेषण कर रहा है कि क्या यह प्रवृत्ति निकट भविष्य में हो सकती है।

दूसरा संकेत मध्यम से लंबी अवधि की मुद्रास्फीति अपेक्षाओं में वृद्धि है। लेगार्ड ने बताया कि हालांकि छोटी अवधि की महंगाई की उम्मीदें बढ़ी हैं, लेकिन मध्यम से लंबी अवधि की उम्मीदें अब भी दो प्रतिशत के लक्ष्य के आसपास स्थिर हैं। उन्होंने कहा, "यदि मध्यम से दीर्घकालीन मुद्रास्फीति की उम्मीदें वर्तमान स्तर से बढ़ती रहती हैं... तो कार्रवाई आवश्यक होगी।"

ECB अध्यक्ष ने साफ किया कि जब तक ये दोनों संकेत स्पष्ट रूप से नहीं दिखते, तब तक मौजूदा मौद्रिक उपाय उचित हैं और घबराने की कोई जरूरत नहीं है।

इनपुट: IANS

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News4Social इंटरनेशनल डेस्क

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