बिहार में 1 करोड़ उद्यमी परिवार बनाने का लक्ष्य, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने की कई योजनाओं की शुरुआत
बिहार सरकार ने राज्य में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी योजना का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश के एक करोड़ परिवारों को आर्थिक रूप से…
बिहार सरकार ने राज्य में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी योजना का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश के एक करोड़ परिवारों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है, जिसके लिए उन्हें उद्यमी के तौर पर विकसित किया जाएगा। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, सीएम ने यह भी बताया कि अगले पांच वर्षों में उद्योग, रोजगार, शिक्षा और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर काम करने की योजना है।
यह घोषणा पटना के बापू सभागार में उद्योग विभाग द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान की गई। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने 'मुख्यमंत्री उद्यमी योजना' के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए चुने गए लाभार्थियों को सांकेतिक चेक भी सौंपे। कार्यक्रम में योजना के 7,000 से अधिक लाभार्थियों के बैंक खातों में पहली, दूसरी और तीसरी किस्त की राशि सीधे ट्रांसफर की गई।
योजना का विस्तार और वित्तीय सहायता
सीएम सम्राट चौधरी ने बताया कि 'मुख्यमंत्री उद्यमी योजना' के तहत राज्य में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र में 45,000 नए उद्यमी तैयार किए जा रहे हैं। इन उद्यमियों में 14,000 अनुसूचित जाति/जनजाति, 10,000 अति पिछड़ा वर्ग, 9,500 महिलाएं, 9,000 युवा और 2,500 अल्पसंख्यक वर्ग के लोग शामिल हैं। राज्य सरकार इस महत्वाकांक्षी योजना पर कुल 3,500 करोड़ रुपए खर्च कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी एमएसएमई क्षेत्र के लिए 10,000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है, जिसमें से बिहार को कम से कम दसवां हिस्सा मिलने की उम्मीद है, जिससे छोटे उद्योगों को नई गति मिलेगी।
बुनियादी ढांचा और सरकारी नीतियां
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी जिलों में स्थापित एमएसएमई केंद्रों का भी उद्घाटन किया। इसके साथ ही, उन्होंने बिहार एमएसएमई नीति-2026 और क्लस्टर विकास योजना-2026 से जुड़ी पुस्तिकाओं का विमोचन किया। सीएम ने कहा, "सरकार की कोशिश है कि बिहार के युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में नहीं जाना पड़े। युवा रोजगार मांगने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले उद्यमी बनें।" इसी लक्ष्य को पूरा करने के लिए हर जिले में एमएसएमई केंद्र खोले गए हैं। सरकार ने पीपीपी मोड के तहत 5 लाख करोड़ रुपये का निवेश लाने का लक्ष्य रखा है और उद्योगों के लिए 20,000 मेगावाट बिजली उपलब्ध कराने पर भी काम किया जाएगा।
शिक्षा और अन्य विकास कार्य
मुख्यमंत्री ने उद्यमिता के अलावा शिक्षा और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में हो रहे कामों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि राज्य में 700 स्थानों पर सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल खोले गए हैं और 211 नए डिग्री कॉलेज स्थापित किए जा चुके हैं। अगले साल से इन कॉलेजों में विज्ञान की पढ़ाई शुरू करने की योजना है। इसके अलावा, अगले दो वर्षों में 20 महत्वपूर्ण स्थानों पर रोप-वे का निर्माण किया जाएगा और कृषि फीडरों को एक साल के भीतर 100% सौर ऊर्जा से जोड़ा जाएगा।
इनपुट: IANS



