इसराइल चुनाव से पहले नेतन्याहू की दुश्मनों को चेतावनी, कहा- हमें आजमाया तो कड़ा प्रहार करेंगे
इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपने दुश्मनों को एक बार फिर चेतावनी दी है। वायुसेना के एक अड्डे का दौरा करने के बाद उन्होंने कहा कि अगर इसराइल को आज़माने की कोशिश की गई, तो उसे अब तक के…
इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपने दुश्मनों को एक बार फिर चेतावनी दी है। वायुसेना के एक अड्डे का दौरा करने के बाद उन्होंने कहा कि अगर इसराइल को आज़माने की कोशिश की गई, तो उसे अब तक के सबसे कड़े प्रहार का सामना करना पड़ेगा। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, नेतन्याहू ने यह बयान 27 अक्टूबर को होने वाले संसदीय चुनाव से कुछ ही दिन पहले दिया है।
वायुसेना के एक अज्ञात अड्डे पर प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने तैयारियों का जायज़ा लिया। उन्होंने कहा, "मैंने एयरबेस के कमांडर से बातचीत की और जरूरत पड़ने पर दुश्मनों पर हमला करने के लिए वायुसेना की तैयारियों, दृढ़ संकल्प और क्षमता का जायजा लिया।"
दुश्मनों को सीधी चेतावनी
इस दौरे के बाद उन्होंने एक कड़ा संदेश जारी किया। उन्होंने कहा, “हमें मत आजमाओ। तुम्हें अब तक झेले गए हमलों से भी अधिक कड़े प्रहार सहने पड़ेंगे।” नेतन्याहू ने इस बात पर ज़ोर दिया कि इसराइल अपनी रक्षा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और उन्होंने अपनी चेतावनी दोहराई। उन्होंने इसराइल की उपलब्धियों का श्रेय साहसी पायलटों, वायुसेना कर्मियों, ज़मीनी कर्मचारियों, इसराइल रक्षा बलों (IDF) और सरकार के संयुक्त प्रयासों को दिया।
ईरान और अमेरिकी चुनाव
हाल ही में फॉक्स न्यूज़ को दिए एक इंटरव्यू में नेतन्याहू ने ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम पर भी चिंता जताई थी। उन्होंने कहा था कि ईरान तेज़ी से अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलें विकसित कर रहा है और उसका असली निशाना इसराइल नहीं, बल्कि अमेरिका है। उनके मुताबिक, ईरान अमेरिकी शहरों पर हमला करने के लिए परमाणु हथियार हासिल करना चाहता है।
इस बीच, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसराइली चुनावों में नेतन्याहू का समर्थन किया है। उन्होंने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में नेतन्याहू को 'मजबूत, बहादुर और शानदार' नेता बताते हुए उन्हें ईरान के खिलाफ कार्रवाई में अमेरिका का एक मज़बूत साझेदार बताया।
इनपुट: IANS



