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भारत-बेल्जियम हीरा साझेदारी: 100 साल पुराने रिश्ते में नई चमक, बेल्जियम के PM मुंबई डायमंड बोर्स पहुंचे

भारत और बेल्जियम के बीच 100 साल से भी पुरानी हीरा साझेदारी ने एक नया ऐतिहासिक मुकाम हासिल कर लिया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार को बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर ने…

भारत-बेल्जियम हीरा साझेदारी: 100 साल पुराने रिश्ते में नई चमक, बेल्जियम के PM मुंबई डायमंड बोर्स पहुंचे
(फोटो: IANS)

भारत और बेल्जियम के बीच 100 साल से भी पुरानी हीरा साझेदारी ने एक नया ऐतिहासिक मुकाम हासिल कर लिया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार को बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर ने अपने एक प्रतिनिधिमंडल के साथ मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) में स्थित भारत डायमंड बोर्स (BDB) का दौरा किया। यह पहली बार है जब बेल्जियम सरकार के किसी प्रमुख ने दुनिया के सबसे बड़े डायमंड बोर्स का दौरा किया है।

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इस दौरे का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि यह भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर होने के ठीक बाद हुआ है। इस समझौते से दोनों देशों के बीच संबंधों, खासकर हीरा और आभूषण क्षेत्र में सहयोग को और गहरा करने का रास्ता साफ हुआ है। उद्योग जगत के नेताओं का मानना है कि हीरा मूल्य श्रृंखला (Diamond Value Chain) में अपनी खास जगह रखने वाले इन दोनों केंद्रों के बीच यह बातचीत एक नए अध्याय की शुरुआत है।

साझेदारी और भविष्य की राह

इस अवसर पर, BDB के अध्यक्ष अनूप मेहता ने दोनों देशों के गहरे संबंधों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत और बेल्जियम सिर्फ व्यापारिक साझेदार नहीं हैं, बल्कि कई भारतीय हीरा व्यापारी, विशेष रूप से गुजरात के, एंटवर्प को अपना दूसरा घर मानते हैं। मेहता ने यह भी याद दिलाया कि जब BDB की योजना बनाई जा रही थी, तो एक टीम ने एंटवर्प का दौरा कर वहां से प्रेरणा ली थी, जिसने मुंबई में एक अंतरराष्ट्रीय हीरा व्यापार केंद्र बनाने में मदद की।

भविष्य की दिशा तय करते हुए उन्होंने कहा, "दुनिया तेजी से बदल रही है, और हमारे उद्योग को साझेदारी में ढलना होगा। हमारा साझा उद्देश्य एक ऐसा हीरा व्यापार बनाना होना चाहिए जो न केवल समृद्ध हो, बल्कि निष्पक्ष, पारदर्शी और टिकाऊ भी हो।" दोनों पक्षों ने उद्योग की अखंडता को मजबूत करने और हीरा व्यापार में विश्वास बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

आंकड़ों से परे का रिश्ता

सीजेईपीसी के चेयरमैन किरिट भंसाली ने कहा कि 2025-26 में रत्न और आभूषण क्षेत्र में भारत-बेल्जियम का व्यापार लगभग 3.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर का था। उन्होंने बताया कि भारत में तराशे और पॉलिश किए गए लाखों हीरों में से कई की यात्रा बेल्जियम के एंटवर्प से होकर गुजरती है।

भंसाली ने जोर देकर कहा, "ये सिर्फ आंकड़े नहीं हैं। ये व्यवसाय, आजीविका और भारत भर में परिवारों का भरण-पोषण करने वाली पांच मिलियन से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियों का प्रतिनिधित्व करते हैं।" भारत डायमंड बोर्स दुनिया के सबसे बड़े हीरा व्यापार केंद्रों में से एक है, जो हीरा निर्माताओं, व्यापारियों और निर्यातकों को एक ही छत के नीचे विश्व स्तरीय सुविधाएं प्रदान करता है।

इनपुट: IANS

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