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दिल्ली: ऐतिहासिक रेस कोर्स मस्जिद को खाली करने का नोटिस, मीरवाइज़ उमर फ़ारूक़ ने जताई चिंता

दिल्ली की एक ऐतिहासिक मस्जिद को खाली करने के लिए भेजे गए नोटिस पर कश्मीरी नेता मीरवाइज़ उमर फ़ारूक़ ने गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर इस कदम को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए हैं और इसे…

दिल्ली: ऐतिहासिक रेस कोर्स मस्जिद को खाली करने का नोटिस, मीरवाइज़ उमर फ़ारूक़ ने जताई चिंता
(फोटो: IANS)

दिल्ली की एक ऐतिहासिक मस्जिद को खाली करने के लिए भेजे गए नोटिस पर कश्मीरी नेता मीरवाइज़ उमर फ़ारूक़ ने गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर इस कदम को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए हैं और इसे मुसलमानों के इबादतगाहों के लिए एक 'नई परिपाटी' बनने की आशंका जताई है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह नोटिस दिल्ली की रेस कोर्स मस्जिद को छह दिनों के भीतर खाली करने के लिए दिया गया है।

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यह मस्जिद दशकों पुरानी है और इसे कानूनी रूप से एक महत्वपूर्ण स्थल का दर्जा प्राप्त है। दरअसल, रेस कोर्स मस्जिद 1977 से ही एक अधिसूचित वक्फ़ संपत्ति है। इसके अलावा, इसे एक सूचीबद्ध धरोहर स्थल (heritage site) के रूप में भी मान्यता मिली हुई है। इन कानूनी दर्जों के बावजूद इसे खाली करने का आदेश जारी किया गया है।

मीरवाइज़ ने क्या कहा?

मीरवाइज़ उमर फ़ारूक़ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपनी प्रतिक्रिया में लिखा, "यह बेहद चिंताजनक है कि दिल्ली की ऐतिहासिक 'रेस कोर्स मस्जिद'... उसे छह दिन के भीतर खाली करने के लिए नोटिस दिया गया है।" उन्होंने इस मामले में वक्फ़ अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाया और कहा, "उतनी ही चिंता की बात यह भी है कि वक्फ अधिकारी इसका बचाव करने में विफल रहे हैं।"

अपने पोस्ट में उन्होंने वक्फ़ संशोधन कानून को लेकर अपनी पुरानी आपत्तियों को दोहराया। उन्होंने लिखा, "यही वह मुख्य कारण है जिसकी वजह से हमने वक्फ संशोधनों और मुस्लिम धार्मिक संपत्तियों पर सरकारी प्रतिनिधियों के माध्यम से सरकार का नियंत्रण बढ़ाने का कड़ा विरोध किया था।" मीरवाइज़ ने आगे चिंता जताते हुए सवाल किया कि अगर कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त एक मस्जिद को भी नहीं बचाया जा सकता, तो फिर दूसरे धार्मिक स्थलों के लिए क्या सुरक्षा उपाय बचते हैं।

इनपुट: IANS

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News4Social धर्म-संस्कृति डेस्क

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