एसयूवी में भरवाया डीजल, निकला पानी, इंजन सीज

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हजरतगंज स्थित एचपीसीएल के पेट्रोल पंप पर शुक्रवार को पानी मिला डीजल मिलने पर लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। एक एसयूवी में एक ग्राहक ने डीजल भरवाया था। कुछ दूर बाद एसयूवी  बंद होने के साथ ही उसक इंजन भी सीज हो गया। इस दौरान जांच में पानी निकला। पंप पहुंचे ड्राइवर की शिकायत के दौरान ही कई अन्य लोगों ने पानी मिला होने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। बवाल की सूचना पर पहुंची पुलिस ने पंप बंद करवाने के साथ ही एचपीसीएल पेट्रोलियम व आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को जानकारी दी। इस बीच देर शाम तक आपूर्ति विभाग व एचपीसीएल की टीम ने जांच के लिए सैंपल भरा।

वहीं पंप के मैनेजर का दावार है कि उनके पेट्रोल पंप के डीजल से कोई दिक्कत नहीं हुई है। अन्य लोगों ने भी डीजल भरवाया है। डीएसओ मो. आमिर ने बताया कि शिकायत के आधार पर जांच करवाई गई है। जांच में नोजल आदि में कोई गड़बड़ी नहीं मिली है। डीजल में मिलावट की शिकायत पर एसयूवी  में लगी टंकी और पेट्रोल पंप से नमूने भरे गए हैं। इसके अलावा एसयूवी के इंजन की जांच भी एचपीसीएल व पेट्रोल पंप के संचालक की देखरेख में करवाई जा रही है। जांच में नमूनों में अगर गड़बड़ी मिलती है तो पेट्रोल पंप संचालक पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

एचपीसीएल के अधिकारियों ने बताया कि कंपनी ने तकनीकि विंग से जांच करवाकर लैब डीजल के नमूने भेजे हैं। गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई होगी। बतात चलें कि चिप लगाकर पेट्रोल व डीजल की चेारी क मामले में पहले भी रंजना पेट्रोल पंप को बंद करवाया गया था। लेकिन एचपीसीएल के जिम्मेदारों की मिलीभगत स उक्त पेट्रेल पंप का संचालन एक बार फिर से शुरू करा दिया गया था। हालांकि इसके साथ बंद करवाऐ गए दर्जनों पेट्राल पंप अभी भी सीज हैं और कानूनी प्रक्रिया चल रही है। कोर्ट में भी मामला चल रहा है।

लोगों को लगाया जा रहा चूना

खनिज तेल में मिलावट की बात हो या खाद्य पदार्थों के गोरख-धंधे की बात। यह खेल लंबे समय से राजधानी में चलता आ रहा है। इस खेल में कंपनी के अधिकारी से लेकर मालिक तथा कर्मचारियों तक की मिलीभगत होती है। अधिक मुनाफाखोरी तथा आर्थिक उपार्जन की ललक में ऐसे कामों को अंजाम दिया जा रहा है।

एक रिपोर्ट के अनुसार किरोसीन तेल का 40 फीसद भाग पेट्रोल अथवा डीजल में खप जाया करता है, जिसपर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने किरोसीन तेल के रंग को नीले रंग में बदल डाला। लेकिन इस बदलाव के बाद भी पेट्रोल व डीजल में मिलावट का कार्य नहीं रूक पाया है और अधिकांश पंपों पर तेल में मिलावट का खेल धड़ल्ले से चल रहा है।

पेट्रोल पंपों पर जांच की नहीं है कोई व्यवस्था

कई पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि कंपनी द्वारा कोई ऐसा यंत्र उपलब्ध नहीं कराया गया है जिससे यह ज्ञात हो सके कि तेल में इथेनॉल सहित और किन पदार्थों की कितनी मात्रा मिली है। कई बार समस्याएं आ जाती है। वहीं अधिकारियों का कहना है कि एचपीसीएल कंपनी पूरी तरह सजग है। अधिकारियों की टीम समय-समय पर औचक निरीक्षण भी करते रहते हैं। मिलावट की शिकायत होने पर तेल का सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाता है। मिलावट की शिकायत सही पाए जाने पर उस पंप की संविदा रद कर दी जाती है।