लखनऊ: चैरिटेबल ट्रस्ट अध्यक्ष हत्याकांड का खुलासा, भरोसेमंद ड्राइवर ही निकला मास्टरमाइंड
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में महाराणा प्रताप चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप सिंह की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया…
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में महाराणा प्रताप चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप सिंह की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिसमें मृतक का अपना ड्राइवर ही मुख्य साजिशकर्ता निकला। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, आरोपियों ने पहले धीरेंद्र सिंह को बेहोश किया और फिर गोली मारकर उनकी हत्या कर दी।
45 वर्षीय धीरेंद्र प्रताप सिंह की हत्या उनके ड्राइवर रवि किशन ने भरोसे का फायदा उठाकर की। पुलिस जांच में सामने आया है कि चलती गाड़ी में ही धीरेंद्र को नशीला पदार्थ सुंघाकर बेहोश किया गया, जिसके बाद उन्हें दो गोलियां मार दी गईं। वारदात को अंजाम देने के बाद, सबूत मिटाने के लिए शव को एक सुनसान जगह पर फेंक दिया गया और उनकी गाड़ी मेदांता अस्पताल के पास लावारिस छोड़ दी गई।
पुलिस को गुमराह करने की कोशिश
संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) बबलू कुमार ने बताया कि आरोपियों ने जांच भटकाने की पूरी कोशिश की। धीरेंद्र के पास दो मोबाइल फोन थे। उनमें से एक फोन को आरोपियों ने एक ट्रेन में रख दिया ताकि उसकी लोकेशन लगातार बदलती रहे और पुलिस गुमराह हो जाए। इस फोन की लोकेशन पहले गोसाईगंज, हैदरगढ़, अमेठी के जगदीशपुर और अंत में चंदौली में मिली।
ऐसे हुआ मामले का खुलासा
पुलिस को सड़क किनारे एक शव मिलने की सूचना मिली थी, लगभग उसी समय सुशांत गोल्फ सिटी थाने में उन्नाव निवासी धीरेंद्र सिंह के अपहरण का मामला भी दर्ज हुआ। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी साउथ के नेतृत्व में 6 टीमों का गठन किया गया। टीमों ने सफलतापूर्वक जांच करते हुए दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया, जिन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उनकी निशानदेही पर शव और घटना में इस्तेमाल वाहन भी बरामद कर लिया गया है।
शुरुआती पूछताछ में हत्या की वजह जमीनी विवाद बताई जा रही है। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में कुछ और लोगों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए टीमें दबिश दे रही हैं।
इनपुट: IANS



