कोरोना की तैयारियों पर बोले सीएम योगी आदित्यनाथ- तीसरी लहर के लिए अच्छी तरह तैयार हैं
कोरोना वायरस की दूसरी लहर ने पूरे देश को बुरी तरह प्रभावित किया। उत्तर प्रदेश भी उन राज्यों में से एक था जिन पर कोरोना का सबसे ज्यादा प्रकोप देखने को मिला। चरमराती स्वास्थ्य व्यवस्था, नदियों में तैरते शव या फिर श्मशानों में लाशों की लंबी कतारे। यूपी में कोरोना वायरस की दूसरी लहर की तस्वीर कुछ इसी तरह दिखी। इन सब चीजों को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ को आलोचना का सामना भी करना पड़ा। हिंदुस्तान टाइम्स को दिए इंटरव्यू में आदित्यनाथ दूसरी लहर से राज्य की लड़ाई और तीसरी लहर को लेकर राज्य की तैयारियों पर बात करते हैं। संभावना है कि तीसर लहर चुनावों के साथ राज्य में प्रवेश करेगी।
सवाल- कोरोना की दूसरी लहर के दौरान मैनेजमेंट को लेकर विपक्ष द्वारा आपकी आलोचना की गई, इसके बारे में आप क्या कहेंगे?
जवाब- मुझे लगता है कि अपने घर आराम से बैठकर सोशल मीडिया के जरिए आलोचना करना बेहद आसान है। मैं उन्हें ग्रामीण इलाकों का दौरा करने के लिए बुलाना चाहूंगा। वो खुद देख सकेंगे राज्य सरकार ने दूसरी लहर को किस तरह मैनेज किया और आंकड़े भी यही बताते हैं।
सवाल- कोरोना वायरस की दूसरी लहर के दौरान आपने राज्य का दौरा किया था। इस दौरान ऐसी कौन-सी कमियां देखी जिन पर ध्यान देने की सबसे ज्यादा जरूरत थी?
जवाब- मैं जमीनी हकीकत जानना चाहता था मैंने हेलीकॉप्टर 6 हजार किलोमीटर से ज्यादा यात्रा की थी और रोड के रास्ते से 45 दिलों का दौरा किया था। इनमें वो जिले भी शामिल थे जो कोरोना से बुरी तरह प्रभावित थे। मैंने स्थिति की समीक्षा करने और कर्मचारियों को निर्देश देने के लिए नागरिकों, कोविड -19 रोगियों, डॉक्टरों और प्रशासकों से बात की। एक टीम लीडर होने के नाते, मुझे लगता है कि मेरा ऑन-ग्राउंड होना दूसरों को प्रेरित करता है।
सवाल- संभावना है कि कोरोना की तीसरी लहर चुनावों के दौरान राज्य में प्रवेश करें, आपको लगता है कि अगर तीसरी लहर दूसरी लहर की तरह विनाशकारी साबित होती है तो चुनाव टालना समझदारी होगी?
जवाब- चुनाव समय पर होना चाहिए, हालांकि यह चुनाव आयोग को तय करना है। हम मतदान के लिए तैयार हैं। दूसरी लहर को एक महीने में काबू कर लिया गया है और हम तीसरी लहर के लिए बेहतर तरीके से तैयार हैं।
सवाल- यूपी पर वास्तविक कोविड डेटा को छिपाने का आरोप लगाया गया है
जवाब- विश्व स्वास्थ्य संगठन के लगभग 2,000 प्रतिनिधियों ने राज्य का दौरा किया। डब्ल्यूएचओ ने ट्रिपल टी के यूपी मॉडल – टेस्ट, ट्रेस और ट्रीट की भी सराहना की है। क्या लोगों को डेटा पर भरोसा करना चाहिए या उन लोगों पर जो इस बात को लेकर मन में गलत धाराणा बनाएं हुए हैं कि यूपी ने दूसरी लहर को कुशलता से हरा दिया।
सवाल- नदियों में तैरते शवों को देखना दर्दनाक नहीं था?
जवाब- बिल्कुल यह बेहद दर्दनाक था. लेकिन यह पहली बार नहीं है जब शवों को नदियों में तैरते देखा गया है। ऐसी ही तस्वीर 2012,2014 और 2016 में भी देखने को मिली थी। जागरूकता शुरू करने के अलावा, मेरी सरकार ने पिछले साल ही स्थानीय निकायों को सतर्क किया था। जल प्रवाह (जल प्रवाह) एक परंपरा है और अब संत भी इस प्रथा को रोकने के अभियान में शामिल हो गए हैं।
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