चित्रकूट में बाढ़: मंदाकिनी का जलस्तर घटने के बाद भी राहत कार्य तेज़, 688 लोग सुरक्षित निकाले गए
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में मंदाकिनी नदी का जलस्तर घटने से बाढ़ की स्थिति में कुछ सुधार हुआ है, लेकिन प्रशासन का राहत और बचाव अभियान पूरी गति से जारी है। समाचार एजेंसी IANS से मिली…
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में मंदाकिनी नदी का जलस्तर घटने से बाढ़ की स्थिति में कुछ सुधार हुआ है, लेकिन प्रशासन का राहत और बचाव अभियान पूरी गति से जारी है। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, अब तक बाढ़ प्रभावित इलाकों से 688 लोगों को सुरक्षित निकालकर राहत शिविरों तक पहुँचाया जा चुका है। राहत की बात यह है कि जिले में बाढ़ से किसी भी प्रकार की जनहानि या पशुहानि की कोई सूचना नहीं है।
29 अगस्त को मंदाकिनी नदी अपने उच्चतम स्तर 135.20 मीटर पर थी, जो अब घटकर 128.00 मीटर पर आ गई है। जलस्तर में कमी के बावजूद प्रशासन कोई ढिलाई नहीं बरत रहा है।
राहत और बचाव के व्यापक इंतजाम
प्रशासन ने राहत कार्यों के लिए एनडीआरएफ के 30 सदस्यों और एसडीआरएफ की दो टीमों के 27 सदस्यों को तैनात किया है। मंदाकिनी में आई बाढ़ से कर्वी, राजापुर और मानिकपुर तहसीलों के कुल 36 गाँव प्रभावित हुए, जहाँ 13,906 लोगों तक मदद पहुँचाई गई है। प्रभावितों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए कुल 28,803 लंच पैकेट बांटे गए हैं, जिनमें सबसे ज्यादा 24,530 पैकेट कर्वी तहसील में वितरित किए गए।
इसके अलावा, प्रशासन की ओर से 2,065 परिवारों को राहत किट भी दी गई हैं। लोगों को सुरक्षित आश्रय देने के लिए जिले में 18 बाढ़ शरणालय सक्रिय किए गए हैं। बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए 653 आंशिक मकानों में से 188 मामलों में 7.52 लाख रुपये की सहायता राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में भेज दी गई है। वहीं, एक पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त मकान के लिए 1.20 लाख रुपये की मदद दी गई है।
गाजीपुर में रात भर चला रेस्क्यू ऑपरेशन
एक अन्य घटना में, गाजीपुर में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से एक टापू पर फंसे 12 चरवाहों और उनकी 2,000 से ज्यादा भेड़ों को पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षित बचाया। एक अधिकारी ने बताया कि देर रात सूचना मिलते ही नाइट विजन ड्रोन की मदद से उनकी लोकेशन का पता लगाया गया। इसके बाद पीएसी, पुलिस और स्थानीय नाविकों की संयुक्त टीम ने करीब छह घंटे का जोखिम भरा अभियान चलाकर सभी को सुरक्षित निकाल लिया।
इनपुट: IANS



