चीन में ह्यूमनॉइड रोबोट क्रांति: दुनिया के 97% रोबोट अब 'मेड इन चाइना'
चीन ह्यूमनॉइड रोबोट बनाने के मामले में दुनिया का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरा है। इस साल की पहली छमाही में ही चीन ने 40,000 से ज़्यादा ह्यूमनॉइड रोबोट का उत्पादन किया, जो दुनिया के कुल उत्पादन का 97%…
चीन ह्यूमनॉइड रोबोट बनाने के मामले में दुनिया का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरा है। इस साल की पहली छमाही में ही चीन ने 40,000 से ज़्यादा ह्यूमनॉइड रोबोट का उत्पादन किया, जो दुनिया के कुल उत्पादन का 97% हिस्सा है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, चीन न सिर्फ़ बड़ी संख्या में रोबोट बना रहा है, बल्कि उनकी क्षमताओं में भी अभूतपूर्व सुधार कर रहा है।
चीन की यह तकनीकी छलांग हाल ही में बीजिंग में हुए 'द्वितीय विश्व ह्यूमनॉइड रोबोट खेलों' में स्पष्ट रूप से देखने को मिली। इन खेलों को 'रोबोट ओलंपिक' भी कहा जा रहा है, और इसने एसोसिएटेड प्रेस और असाही शिम्बुन जैसे प्रतिष्ठित विदेशी मीडिया का भी ध्यान खींचा है।
खेल के मैदान से असल दुनिया तक
इस साल के रोबोट खेलों में छह महाद्वीपों के 16 देशों से 666 टीमों ने हिस्सा लिया और 2,056 रोबोटों ने अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन किया। पिछले संस्करण के मुकाबले इस बार का आयोजन सिर्फ़ रोबोट की शारीरिक क्षमता, जैसे 'तेज़ दौड़ना या ऊंची छलांग लगाना' तक सीमित नहीं था। आयोजकों ने इस बात पर ज़ोर दिया कि रोबोट असल दुनिया में कितने उपयोगी साबित हो सकते हैं।
कुल 51 खेल स्पर्धाओं में से 21 को सीधे तौर पर घर, होटल, लॉजिस्टिक्स और अग्निशमन जैसे वास्तविक हालात के आधार पर डिज़ाइन किया गया था। सबसे अहम बात यह थी कि 40% से ज़्यादा स्पर्धाओं में इंसानी रिमोट कंट्रोल की कोई भूमिका नहीं थी, जिससे रोबोट की स्वतंत्र रूप से सोचने और फ़ैसले लेने की क्षमता का परीक्षण हुआ।
आर्थिक और तकनीकी ताक़त
चीन के रोबोट ने 100 मीटर की दौड़ में मानव रिकॉर्ड तोड़ने से लेकर अस्पताल में ख़ुद सामान पहुंचाने जैसे जटिल काम भी किए। इन शानदार नतीजों के पीछे ज्वाइंट मोटर और रोबोट संरचना जैसी मुख्य तकनीकों में चीन की लगातार होती प्रगति है।
आंकड़े भी इस सफलता की गवाही देते हैं। चीन में बने औद्योगिक रोबोट अब देश की अर्थव्यवस्था के 253 विभागों में इस्तेमाल हो रहे हैं। सिर्फ़ उत्पादन ही नहीं, बल्कि निर्यात में भी भारी उछाल देखा गया है। 2024 की पहली तिमाही में चीन का रोबोट निर्यात पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 210% तक बढ़ गया।
सफलता के पीछे की रणनीति
इस तेज़ रफ़्तार तरक्की के पीछे सरकारी नीतियां, एक मज़बूत औद्योगिक ढांचा और बड़े पैमाने पर अनुप्रयोग के मौके शामिल हैं। चीन ने अपनी '15वीं पंचवर्षीय योजना' में एम्बॉडिड इंटेलिजेंस (रोबोट में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का एकीकरण) को भविष्य के एक प्रमुख उद्योग के रूप में चिह्नित किया है। चीन का मानना है कि वह तकनीकी विकास का लाभ पूरी दुनिया, खासकर विकासशील देशों तक पहुंचाना चाहता है, ताकि सभी एक साथ इस इंटेलिजेंट युग का हिस्सा बन सकें।
इनपुट: IANS



