विस्फोटक पदार्थों की ऑनलाइन बिक्री: डायल4ट्रेड पर लगा 10 लाख का जुर्माना, CCPA की बड़ी कार्रवाई
खतरनाक और विस्फोटक पदार्थों की ऑनलाइन बिक्री के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए, केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने डायल4ट्रेड टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड पर 10 लाख रुपये का जुर्माना…
खतरनाक और विस्फोटक पदार्थों की ऑनलाइन बिक्री के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए, केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने डायल4ट्रेड टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह कदम ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों पर अनिवार्य सुरक्षा उपायों के बिना विस्फोटक बेचने के मामले में उठाया गया है।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, उपभोक्ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने बुधवार को यह जानकारी दी। यह कार्रवाई ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों पर विनियमित खतरनाक और विस्फोटक पदार्थों की लिस्टिंग और बिक्री की एक क्षेत्र-व्यापी जांच के बाद की गई है।
अनिवार्य सुरक्षा उपायों का उल्लंघन
जांच में पाया गया कि डायल4ट्रेड अपने प्लेटफॉर्म पर अमोनियम नाइट्रेट की ऑनलाइन लिस्टिंग की सुविधा दे रहा था। यह लिस्टिंग लाइसेंस सत्यापन, खरीदार की पात्रता जांच और अनिवार्य सुरक्षा संबंधी जानकारी के बिना की जा रही थी। इसके चलते CCPA ने कंपनी को दोषी ठहराया।
प्राधिकरण ने डायल4ट्रेड को तत्काल प्रभाव से अपने प्लेटफॉर्म पर अमोनियम नाइट्रेट या विस्फोटक अधिनियम, 1884 के तहत वर्गीकृत किसी भी अन्य पदार्थ की लिस्टिंग, होस्टिंग, विज्ञापन या बिक्री बंद करने का भी निर्देश दिया है।
कंपनी की दलील खारिज
डायल4ट्रेड ने अपने बचाव में तर्क दिया कि वह एक बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) मार्केटप्लेस मध्यस्थ है और तीसरे पक्ष के विक्रेताओं द्वारा अपलोड की गई लिस्टिंग के लिए उसे जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। हालांकि, CCPA ने इस दलील को खारिज कर दिया। मंत्रालय के मुताबिक, प्राधिकरण ने पाया कि डायल4ट्रेड के पास विक्रेताओं को ब्लॉक करने और उत्पादों को हटाने की क्षमता थी, लेकिन उसने ऐसा कोई कदम नहीं उठाया।
CCPA ने यह भी माना कि किसी डिजिटल मार्केटप्लेस पर उपलब्ध कराई गई उत्पाद सूची उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 2(1) के तहत 'विज्ञापन' की परिभाषा में आती है। किसी विस्फोटक पदार्थ को सामान्य उत्पाद की तरह बेचना और यह न बताना कि इसकी खरीद के लिए लाइसेंस जरूरी है, इसे भ्रामक विज्ञापन और अनुचित व्यापार व्यवहार माना गया है।
इनपुट: IANS



