गुरूवार, 16 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
अपराध

सरकारी दवा कंपनी KAPL के MD रिश्वत लेते गिरफ़्तार, CBI ने घर-दफ़्तर से करोड़ों की नकदी और सोना ज़ब्त किया

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने एक बड़ी कार्रवाई में सार्वजनिक क्षेत्र की दवा निर्माता कंपनी कर्नाटक एंटीबायोटिक्स एंड फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड (KAPL) के प्रबंध निदेशक को रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ़

सरकारी दवा कंपनी KAPL के MD रिश्वत लेते गिरफ़्तार, CBI ने घर-दफ़्तर से करोड़ों की नकदी और सोना ज़ब्त किया
(फोटो: IANS)

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने एक बड़ी कार्रवाई में सार्वजनिक क्षेत्र की दवा निर्माता कंपनी कर्नाटक एंटीबायोटिक्स एंड फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड (KAPL) के प्रबंध निदेशक को रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ़्तार किया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी अनुराग दानायक को 15 जुलाई के दिन नोएडा में 5 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया।

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एजेंसी ने गुरुवार को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इस कार्रवाई की जानकारी दी। CBI के मुताबिक, यह गिरफ़्तारी भोपाल स्थित एक फर्म की शिकायत पर की गई, जो KAPL की अधिकृत सर्विस एजेंट है। आरोप है कि दानायक ने इस फर्म से करीब 15 लाख रुपये की घूस की मांग की थी।

क्यों मांगी गई थी रिश्वत?

जांच एजेंसी के अनुसार, यह रिश्वत कई कामों के बदले में मांगी गई थी। इसमें फर्म के सर्विस एजेंट एग्रीमेंट को मंज़ूरी देना, चालू वित्तीय वर्ष के लिए अटके हुए नवीनीकरण को पूरा करना और कंपनी को दवा आपूर्ति के लिए अतिरिक्त सरकारी संस्थान आवंटित करना शामिल था। इसके अलावा, आरोपी ने इस साल दवाओं की बिक्री पर मिलने वाले कमीशन में भी अपना हिस्सा मांगा था। CBI ने जाल बिछाकर दानायक को नोएडा में 15 लाख की मांग की पहली किस्त के रूप में 5 लाख रुपये लेते हुए पकड़ लिया।

छापेमारी में करोड़ों की बरामदगी

गिरफ़्तारी के बाद CBI ने आरोपी के बेंगलुरु, नोएडा और जबलपुर स्थित आवासों और कार्यालयों पर तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान बड़ी मात्रा में नकदी और कीमती सामान बरामद हुआ। तलाशी में नोएडा के आवास और बेंगलुरु के कार्यालय से लगभग 75 लाख रुपये नकद, करीब 4 लाख रुपये मूल्य की विदेशी मुद्रा, और एक आवासीय फ्लैट से जुड़े संपत्ति के दस्तावेज़ ज़ब्त किए गए। इसके अलावा, लगभग 86 लाख रुपये की कीमत के 697 ग्राम सोने के आभूषण और सिक्के भी बरामद हुए हैं। CBI का कहना है कि मामले की जांच जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।

इनपुट: IANS

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