मुंबई: बेनामी संपत्ति का मामला दबाने के लिए मांगी 20 लाख की रिश्वत, CBI ने आयकर निरीक्षक को रंगे हाथों पकड़ा
मुंबई में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए आयकर विभाग के एक निरीक्षक को 15 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार…
मुंबई में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए आयकर विभाग के एक निरीक्षक को 15 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, आरोपी ने एक व्यक्ति से उसकी 'बेनामी संपत्ति' से जुड़े मामले को बंद करने के एवज में यह रकम मांगी थी।
यह कार्रवाई मुंबई के एक नागरिक द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद हुई। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि सिंधिया हाउस स्थित आयकर कार्यालय की 'जांच विंग' में तैनात निरीक्षक ने मामला रफा-दफा करने के लिए 20 लाख रुपये की मांग की थी। यह मामला आयकर विभाग की 'बेनामी निषेध इकाई' के पास लंबित था। बाद में बातचीत के बाद सौदा 15 लाख रुपये में तय हुआ।
CBI का जाल और गिरफ्तारी
शिकायत मिलने पर CBI ने मंगलवार को जाल बिछाया और आरोपी निरीक्षक को शिकायतकर्ता से 15 लाख रुपये लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद, CBI ने आरोपी के ठिकानों पर तलाशी ली, जहां से 11 लाख रुपये नकद और कुछ अहम दस्तावेज बरामद हुए।
गिरफ्तार आरोपी को बुधवार को मुंबई की एक अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उसे दो दिनों के लिए, यानी 30 अक्टूबर तक, पुलिस हिरासत में भेज दिया है। CBI मामले में आगे की जांच कर रही है।
एक अन्य मामले में अभिलेखापाल को सजा
इसी बीच, बुधवार को दिल्ली में रिश्वतखोरी के एक दूसरे मामले में फैसला भी आया। अहमदाबाद की एक सीबीआई अदालत ने सतधारी लाल साहू को तीन साल के कठोर कारावास और 20,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। साहू जयपुर में 'नेशनल आर्काइव्स ऑफ इंडिया' के रिकॉर्ड सेंटर में अभिलेखापाल के पद पर तैनात थे। उन पर सरकारी रिकॉर्ड की प्रतियां देने के बदले 15,000 रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप था, जिसके बाद CBI ने उन्हें 26 दिसंबर 2012 को रंगे हाथों गिरफ्तार किया था।
इनपुट: IANS



