गुरूवार, 29 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
अपराध

जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश: भारतीय सिम के OTP से पाकिस्तान में चल रहे थे WhatsApp, बिहार से दो गिरफ्तार

पाकिस्तान से जुड़े एक जासूसी नेटवर्क के खिलाफ आंध्र प्रदेश पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, 'ऑपरेशन फायरवॉल-2026' के तहत बिहार के रक्सौल से दो लोगों को गिरफ्तार…

जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश: भारतीय सिम के OTP से पाकिस्तान में चल रहे थे WhatsApp, बिहार से दो गिरफ्तार
(फोटो: IANS)

पाकिस्तान से जुड़े एक जासूसी नेटवर्क के खिलाफ आंध्र प्रदेश पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, 'ऑपरेशन फायरवॉल-2026' के तहत बिहार के रक्सौल से दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इन पर आरोप है कि वे भारतीय मोबाइल नंबरों पर आने वाले वन-टाइम पासवर्ड (OTP) को पाकिस्तानी खुफिया एजेंटों तक पहुंचाते थे, ताकि वे भारत में व्हाट्सएप अकाउंट चला सकें।

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इन व्हाट्सएप अकाउंट्स का इस्तेमाल जासूसी और भारत की सुरक्षा, संप्रभुता और अखंडता के खिलाफ गतिविधियों के लिए किए जाने का संदेह है। जांच में सामने आया कि इसी नेटवर्क से जुड़े एक पाकिस्तानी ऑपरेटिव ने विशाखापट्टनम में नौसेना अधिकारियों के एक अनुबंध चालक से संपर्क कर गोपनीय जानकारी भी हासिल की थी।

ऑपरेशन और गिरफ्तारियां

आंध्र प्रदेश काउंटर इंटेलिजेंस सेल ने 25 अक्टूबर को यह ऑपरेशन शुरू किया। बिहार एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (एटीएस) और स्थानीय पुलिस की मदद से नेपाल सीमा से सटे रक्सौल में पांच संदिग्धों से पूछताछ की गई और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए। शुरुआती जांच के बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान राजा कुमार और आदित्य कुमार उर्फ आदित्य कुमार पांडेय के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, राजा कुमार रक्सौल में एक पॉइंट ऑफ सेल (POS) एजेंट था और नेपाल स्थित हैंडलरों के जरिए पाकिस्तानी एजेंटों के संपर्क में था। उसने OTP मुहैया कराने के बदले दूसरे व्यक्ति के नाम पर खोले गए एयरटेल पेमेंट्स बैंक खाते में रकम भी ली थी। वहीं, आदित्य कुमार पर वसीम, सुल्तान और नईम जैसे पाकिस्तानी एजेंटों के संपर्क में रहने और एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म पर उनसे संवाद करने का आरोप है।

मामले का नौसेना कनेक्शन

पुलिस के अनुसार, इसी नेटवर्क से जुड़ी 'सोनी' या 'सोनी क्वीन' नाम की एक पाकिस्तानी ऑपरेटिव ने अन्नम साई वरा प्रसाद से संपर्क किया था। प्रसाद विशाखापट्टनम में नौसेना अधिकारियों के लिए अनुबंध पर ड्राइवर का काम करता था। आरोप है कि उसने पूर्वी नौसेना कमान के युद्धपोतों और पनडुब्बियों से जुड़ी गोपनीय जानकारी उस ऑपरेटिव को दी थी।

इस मामले में विजयवाड़ा में 2 सितंबर 2026 को FIR दर्ज की गई थी। प्रसाद को 1 अक्टूबर को विशाखापट्टनम से गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद 3 अक्टूबर को विशाखापट्टनम नौसैनिक अड्डे के एक अन्य कर्मचारी प्रदीप मुखर्जी को तमिलनाडु के कोयंबटूर से गिरफ्तार किया गया। दोनों फिलहाल विजयवाड़ा जिला जेल में न्यायिक हिरासत में हैं।

आगे की कार्रवाई

बिहार से गिरफ्तार राजा कुमार और आदित्य कुमार को स्थानीय अदालत से ट्रांजिट रिमांड पर लेकर विजयवाड़ा की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने दोनों को 10 नवंबर 2026 तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। आंध्र प्रदेश पुलिस ने कहा है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े सभी पहलुओं की गहराई से जांच की जा रही है और सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

इनपुट: IANS

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News4Social क्राइम डेस्क

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