नई दिल्ली: सीबीआई (CBI) ने रविवार (6 दिसंबर, 2020) को यूनिटेक के संस्थापक रमेश चंद्र (Unitech founder Ramesh Chandra), उनके बेटे व एमडी संजय चंद्रा और दूसरे बेटे अजय चंद्रा के खिलाफ 198 करोड़ रुपये के केनरा बैंक (Canara Bank) के साथ धोखाधड़ी के मामले में केस दर्ज किया है. नवंबर 2020 में की गई एक शिकायत में, बैंक ने दावा किया है कि यूनिटेक (Unitech) ने विभिन्न क्रेडिट सुविधाओं का लाभ उठाया और इसके बाद भुगतान नहीं किए.
शुक्रवार को हुए जमानत पर रिहा
सीबीआई (CBI) ने चंद्रा के खिलाफ नया मामला दर्ज करने के बाद आरोपियों के विभिन्न परिसरों पर छापे मारे. संजय चंद्रा (Sanjay Chandra)को 43 महीनों के बाद शुक्रवार को तिहाड़ जेल (Tihar Jail) से अंतरिम जमानत पर रिहा किया गया था. उन्हें दिल्ली की एक अदालत से चिकित्सा आधार पर जमानत मिली थी.
टू-जी घोटाले में भी आया था नाम
दिल्ली पुलिस, सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ED) सहित कई एजेंसियां कंपनी के खिलाफ जांच कर रही हैं. टू-जी स्पेक्ट्रम घोटाले (2G spectrum scam) में भी चंद्रा का नाम सामने आया था लेकिन निचली अदालत ने उन्हें बरी कर दिया था.
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केनरा बैंक का दावा
अपनी शिकायत में केनरा बैंक ने दावा किया है, ‘यूनिटेक (Unitech) ने विश्वास तोड़ा है और बिना किसी अधिकार के गिरवी रखी गई संपत्तियों को लेकर गैरकानूनी तरीके से तीसरे पक्ष के अधिकारों का निर्माण किया है.’ शिकायत में कहा गया है कि यूनिटेक के खातों के फॉरेंसिक ऑडिट से पता चला है कि 29,800 खरीदारों से 14,270 करोड़ रुपये एकत्र किए गए थे. हालांकि, इस राशि में से 5,036.05 करोड़ रुपये का उपयोग 74 चिन्हित आवासीय परियोजनाओं के निर्माण के लिए नहीं किया गया था.
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