क्या हाल ही में किसी भाजपा सांसद ने किसान आंदोलन के समर्थन में पार्टी से त्यागपत्र दिया है

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किसान आंदोलन
किसान आंदोलन

तीन कृषि कानूनों को लेकर लंबे समय से किसान आंदोलन चल रहा है. जिसको लेकर राजनीति भी तेज होती जा रही है. किसानों की मांग है कि केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन कृषि कानून किसानों के विरोध में हैं. इन कानूनों को वापस लिया जाना चाहिएं, तो वहीं सरकार इन तीन कृषि कानूनों को किसानों के फायदे में बता रहें हैं.

बीरेंद्र सिंह

अभी तक किसी भाजपा सांसद ने किसान आंदोलन के समर्थन में त्यागपत्र नहीं दिया है. लेकिन भाजपा में बड़े नेता भी किसान आंदोलन के समर्थन में सामने आने लगे हैं. पूर्व भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह का है, जिन्होंने शुक्रवार को ही झज्जर जिले के सांपला में किसानों के समर्थन में धरना शुरू कर दिया. बताया गया है कि धरने का आयोजन सर छोटू राम मंच के सदस्यों ने किया. चौधरी बीरेंद्र सिंह सर छोटू राम के पोते हैं. चौधरी बीरेंद्र सिंह के बेटे बृजेंद्र सिंह हिसार से भाजपा सांसद हैं. किसान आंदोलन के बीच बीरेंद्र सिंह का कहना है कि वे दिल्ली जाने के लिए बेताब हैं.

बीजेपी

भाजपा को समर्थन देने वाले राजस्थान के दिग्गज नेता हनुमान बेनीवाल ने भी किसान आंदोलन के समर्थन में संसदीय समिति से त्यागपत्र दे दिया है. लेकिन वो भाजपा पार्टी से नहीं हैं. उनकी पार्टी का भाजपा के साथ गठबंधन है.

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अभी तक की खबर किसान आंदोलन से संबंधित यह है कि किसान आंदोलन के समर्थन में बीजेपी के नेता भी किसानों के साथ आने लगे हैं. लेकिन किसी बीजेपी के सांसंद ने इस मुद्दे पर अभी तक पार्टी से त्यागपत्र नहीं दिया है. किसानों का आंदोलन जारी है. अगर आंदोलन लगातार जारी रहा तो हो सकता है, बीजेपी के और भी नेता खुले तौर पर किसानों के समर्थन में आ जाएं.