बिहार विधान परिषद चुनाव: 8 सीटों के लिए सियासी बिसात तैयार, JDU ने खोले पत्ते, BJP में मंथन जारी
बिहार में विधान परिषद की आठ सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। एनडीए गठबंधन में सीटों का बंटवारा हो चुका है, जिसके बाद जनता दल-यूनाइटेड (JDU) ने अपने सभी चार प्रत्याशियों…
बिहार में विधान परिषद की आठ सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। एनडीए गठबंधन में सीटों का बंटवारा हो चुका है, जिसके बाद जनता दल-यूनाइटेड (JDU) ने अपने सभी चार प्रत्याशियों के नाम घोषित कर दिए हैं, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) में अभी भी उम्मीदवारों के चयन पर मंथन चल रहा है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस चुनाव में चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमाएंगे।
चुनाव आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, इन सभी आठ सीटों के लिए नामांकन की प्रक्रिया 29 सितंबर से शुरू होगी और 6 अक्टूबर तक चलेगी। नामांकन पत्रों की जांच 7 अक्टूबर को होगी और उम्मीदवार 9 अक्टूबर तक अपना नाम वापस ले सकेंगे। मतदान 23 अक्टूबर को होगा और वोटों की गिनती 27 अक्टूबर को की जाएगी।
NDA में सीटों का समीकरण और उम्मीदवार
एनडीए के भीतर हुए समझौते के तहत, JDU और BJP को चार-चार सीटें मिली हैं। JDU ने अपनी चारों सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। पार्टी ने पटना स्नातक क्षेत्र से नीरज कुमार, तिरहुत स्नातक से अभिषेक झा, सारण शिक्षक क्षेत्र से आनंद पुष्कर और दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से घनश्याम राय को अपना प्रत्याशी बनाया है। वहीं, BJP कोटे की चार सीटों पर उम्मीदवारों के नाम तय करने के लिए शनिवार को प्रदेश कोर कमेटी की बैठक हुई, लेकिन अभी आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।
बदले समीकरण और अन्य दलों की चुनौती
इस बार दरभंगा की सीटों पर एनडीए का समीकरण बदला हुआ है। दरभंगा स्नातक सीट BJP के खाते में गई है, जबकि दरभंगा शिक्षक सीट JDU को मिली है, जहां से घनश्याम राय उम्मीदवार हैं। इस अदला-बदली से यहां का मुकाबला दिलचस्प हो गया है। दूसरी ओर, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने अब तक छह उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि जन सुराज ने सभी आठ सीटों पर अपने प्रत्याशी खड़े किए हैं। हालांकि, जन सुराज को तिरहुत शिक्षक क्षेत्र में अपना उम्मीदवार बदलना पड़ा है; अब भूषण झा की जगह श्याम नंदन यादव मैदान में होंगे।
इनपुट: IANS



