गुरूवार, 8 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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बिहार: मतदाता सूची पुनरीक्षण पर बढ़ा विवाद, महागठबंधन ने CEC का इस्तीफा मांगते हुए किया राजभवन मार्च

बिहार की राजधानी पटना में गुरुवार को विपक्षी महागठबंधन ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की अगुवाई में गठबंधन के…

बिहार: मतदाता सूची पुनरीक्षण पर बढ़ा विवाद, महागठबंधन ने CEC का इस्तीफा मांगते हुए किया राजभवन मार्च
(फोटो: IANS)

बिहार की राजधानी पटना में गुरुवार को विपक्षी महागठबंधन ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की अगुवाई में गठबंधन के तमाम दलों ने राजभवन तक मार्च निकाला और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की पुरजोर मांग की। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस प्रदर्शन में विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के प्रमुख मुकेश सहनी, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम, राजद सांसद मीसा भारती और वाम दलों के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।

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मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कई जगहों पर तनाव की स्थिति भी बनी। प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम करते हुए कई स्थानों पर बैरिकेडिंग लगा रखी थी और भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया था। महागठबंधन के नेता और कार्यकर्ता SIR प्रक्रिया और चुनाव आयोग के खिलाफ नारे लगा रहे थे।

राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन

राजभवन पहुंचने पर महागठबंधन के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मुलाकात की और उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में SIR प्रक्रिया पर अपनी आपत्तियां दर्ज कराते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग दोहराई गई। VIP प्रमुख मुकेश सहनी ने राज्यपाल से मुलाकात के बाद कहा, "लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ किया गया और 'वोट चोरी' के जरिए चुनाव को प्रभावित किया गया।" उन्होंने कहा कि महागठबंधन की मांग है कि ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा दें।

सरकार पर बरसे विपक्षी नेता

पाटलिपुत्र से राजद सांसद मीसा भारती ने भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता और जनप्रतिनिधियों को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन पूरे इलाके में बैरिकेडिंग कर दी गई थी और चप्पे-चप्पे पर पुलिस के जवान तैनात थे। उन्होंने दावा किया कि महागठबंधन ने शांतिपूर्ण मार्च के लिए अनुमति मांगी थी। वहीं, एसडीपीओ सचिवालय अनु कुमारी ने बताया कि एक प्रतिनिधिमंडल को राज्यपाल से मिलने की अनुमति दी गई, जबकि बाकी प्रदर्शनकारियों को बैरिकेड के पीछे ही रोक दिया गया था।

इनपुट: IANS

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News4Social बिहार डेस्क

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