बिहार शिक्षक भर्ती TRE-4 में अब 33,385 पद, संगीत विषय के लिए 111 अतिरिक्त सीटें बढ़ीं
बिहार में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक अहम खबर है। राज्य सरकार ने शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4) में 111 अतिरिक्त सीटें बढ़ाने का फैसला किया है। ये सभी सीटें संगीत विषय के शिक्षकों के…
बिहार में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक अहम खबर है। राज्य सरकार ने शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4) में 111 अतिरिक्त सीटें बढ़ाने का फैसला किया है। ये सभी सीटें संगीत विषय के शिक्षकों के लिए जोड़ी गई हैं, जिससे कुल रिक्तियों की संख्या बढ़कर अब 33,385 हो गई है।
समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने यह घोषणा महिला अभ्यर्थियों के एक समूह से मुलाकात के बाद की। अररिया, पूर्णिया, गोपालगंज और कैमूर जैसे कई जिलों से आई इन महिला अभ्यर्थियों ने मंत्री से रक्षाबंधन के तोहफे के रूप में सीटें बढ़ाने की मांग की थी।
भर्ती में दो बार बढ़ीं सीटें
शिक्षा विभाग ने शुरुआत में TRE-4 के लिए 32,388 पदों की अधियाचना भेजी थी। इसके बाद मैथिली, भोजपुरी, मगही, प्राकृत और पाली जैसे विभिन्न भाषा विषयों के अभ्यर्थियों की मांग पर आरक्षण रोस्टर स्पष्ट करते हुए 886 पद बढ़ाए गए थे। अब संगीत विषय के लिए 111 और सीटें जोड़ी गई हैं। शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य युवाओं को बेहतर अवसर देना है और इसी दिशा में यह कदम उठाया गया है।
परीक्षा प्रमाणपत्र से हटेगा 'फेल' शब्द
एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में, सरकार ने स्कूली विद्यार्थियों के परीक्षा प्रमाणपत्र से 'फेल' शब्द हटाने का निर्णय लिया है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि परीक्षा में सफल न हो पाना किसी बच्चे के जीवन की पूरी असफलता नहीं है, इसलिए सरकार नकारात्मक शब्द लिखकर उनका मनोबल नहीं गिराना चाहती।
अब जो विद्यार्थी परीक्षा पास नहीं कर पाएंगे, उनके प्रमाणपत्र पर 'फेल' की जगह 'एलिजिबल फॉर स्किल' या 'रिकमेंडेड फॉर स्किल' जैसे शब्द लिखे जाएंगे। मंत्री के अनुसार, सरकार ऐसे बच्चों के लिए विशेष कक्षाएं चलाने और उन्हें कौशल आधारित शिक्षा से जोड़ने की भी योजना बना रही है।
छात्र आंदोलन और सरकार का संवाद
शिक्षा मंत्री ने बीपीएससी परीक्षा को लेकर हुए छात्र आंदोलन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की संवेदनशीलता के बाद छात्रों ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया, जिसकी वे सराहना करते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बीपीएससी परीक्षा सामान्य प्रशासन विभाग का मामला है, शिक्षा विभाग का नहीं। तिवारी ने कहा कि सरकार छात्रों से बातचीत के लिए हमेशा तैयार है और उन्हें अपनी बात लोकतांत्रिक तरीके से रखनी चाहिए।
इनपुट: IANS



