बिहार MLC चुनाव: दो निर्दलीय पार्षदों के BJP को समर्थन पर NDA में मतभेद, JDU ने उठाए सवाल
बिहार विधान परिषद चुनाव के नतीजों के बाद राज्य के सत्ताधारी गठबंधन NDA में खींचतान शुरू हो गई है। दो नवनिर्वाचित निर्दलीय विधान पार्षदों (MLC) द्वारा भाजपा को समर्थन देने के ऐलान के बाद सहयोगी दल JDU…
बिहार विधान परिषद चुनाव के नतीजों के बाद राज्य के सत्ताधारी गठबंधन NDA में खींचतान शुरू हो गई है। दो नवनिर्वाचित निर्दलीय विधान पार्षदों (MLC) द्वारा भाजपा को समर्थन देने के ऐलान के बाद सहयोगी दल JDU ने इस पर अपनी नाराजगी जताई है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस घटनाक्रम ने गठबंधन के भीतर असहजता बढ़ा दी है, यहाँ तक कि LJP (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने भी इस पर नैतिकता का सवाल उठाया है।
विवाद की शुरुआत तब हुई जब निर्दलीय चुनाव जीते बंशीधर ब्रजवासी और राहुल राज ने पहले तो भाजपा में शामिल होने की घोषणा कर दी। हालांकि, दल-बदल कानून के तहत सदस्यता जाने के संभावित खतरे को देखते हुए, बाद में इसे भाजपा को 'समर्थन' देने की बात कहा गया। इस पूरे प्रकरण पर विपक्षी दल भी इसे संविधान का उल्लंघन बता रहे हैं।
JDU की नाराजगी और स्थगित प्रेस कॉन्फ्रेंस
इस मुद्दे पर JDU की तरफ से तीखी प्रतिक्रिया आई है। तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से JDU के उम्मीदवार रहे अभिषेक झा सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले थे, लेकिन इसे स्थगित कर दिया गया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और JDU के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा के फोन आने के बाद उन्होंने यह फैसला लिया। अब वह 5 नवंबर को होने वाली JDU की समीक्षा बैठक में अपनी बात रखेंगे और उसके बाद ही मीडिया से बात करेंगे।
JDU के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने भी इस घटनाक्रम पर सवाल उठाए। उन्होंने विशेष रूप से राहुल राज की वापसी पर हैरानी जताते हुए कहा कि जिस नेता को पार्टी ने छह साल के लिए निष्कासित कर दिया था, उसे चुनाव जीतते ही वापस लेने में इतनी जल्दबाजी क्यों दिखाई गई?
सहयोगी दलों की प्रतिक्रिया और भाजपा का स्पष्टीकरण
मामले पर NDA के एक और घटक दल, लोजपा (रामविलास) के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने भी टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि यह किसी व्यक्ति विशेष पर निर्भर करता है कि वह किसे समर्थन देना चाहता है, लेकिन साथ ही जोड़ा कि अगर कानूनन किसी दल में शामिल होना संभव नहीं है, तो नैतिकता भी एक बड़ा आधार होती है।
बढ़ते विवाद के बीच, बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने स्थिति साफ करने की कोशिश की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों निर्दलीय MLC ने भाजपा को सिर्फ अपना समर्थन दिया है। सरावगी के अनुसार, दोनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की नीतियों में अपनी आस्था जताई है। अब सभी की निगाहें 5 नवंबर को होने वाली JDU की बैठक पर टिकी हैं, जिसमें इस मुद्दे पर आगे की रणनीति तय हो सकती है।
इनपुट: IANS



