Bihar News: मृतक पहुंचा कोर्ट में, जज के सामने बोला- कुछ लोग मेरा अपहरण कर नेपाल ले गए थे, मौका पाते ही…

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Bihar News: मृतक पहुंचा कोर्ट में, जज के सामने बोला- कुछ लोग मेरा अपहरण कर नेपाल ले गए थे, मौका पाते ही…

Bihar News: मृतक पहुंचा कोर्ट में, जज के सामने बोला- कुछ लोग मेरा अपहरण कर नेपाल ले गए थे, मौका पाते ही…

दरभंगा जिले में मब्बी थाना क्षेत्र के सिमरा निहालपुर गांव का जगदेवराम का मृत भोलाराम शुक्रवार को अचानक से दरभंगा व्यवहार न्यायालय में उपस्थित होकर अपने जिंदा होने का सबूत पेश किया। बता दें कि भोलाराम के डीएमसीएच में इलाज के दौरान हुई मौत के सड़क जाम हंगामे के बाद मब्बी थानाध्यक्ष दीपक कुमार को निलंबित कर दिया गया था।

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अब न्यायालय में युवक भोलाराम के उपस्थित होने के बाद कई सवाल उठ रहे हैं कि आखिर जिस युवक को डीएमसीएच में पहचान के मृतक के भाई धीरजराम ने भोलाराम होने का दावा किया था, वह कौन और किसका बेटा था? अगर वह भोला राम नहीं था तो परिजनों ने कैसे उसे भोला के रूप में पहचान कर उसका इलाज कराया। इतना ही नहीं उसके मौत के बाद परिजन हंगामा भी किए थे। 

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न्यायालय के सामने भोलाराम ने बताया कि उसे ललित नारायण मिथिला विश्विद्यालय के नागेंद्र झा स्टेडियम से कुछ लोगों ने उसके मुंह पर रुमाल रखकर बेहोश कर दिया था। उसे जब होश आया तो वह अपने आप को नेपाल में पाया था। वह मौका पाकर परिजनों को बहुत बड़ा व्हाट्सएप कॉलिंग किया करता था। लेकिन परिजन उसे हमेशा कॉल को काट दिया करते थे। बीते एक दो दिन पहले परिजनों ने इसके नंबर से आ रहे व्हाट्सएप कॉल को उठाया तो उसने घटना की पूरी जानकारी परिजनों को दी। परिजनों ने नेपाल जाकर साथ भारत लाया। परिजनों के साथ अपने घर आते ही उसने न्यायालय में उपस्थिति दर्ज कराई है।

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भोलाराम के लापता होने की पहली जानकारी परिजनों ने मब्बी थाना को आठ फरवरी को दी थी। उसके बाद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस दौरान 26 फरवरी को दोनार अललपट्टी रेलवे ट्रैक के पास कुछ युवकों को एक दोनों हाथ और पैर कटा हुआ युवक मिला था, जिसे युवकों द्वारा इलाज के लिए डीएमसीएच में भर्ती करवाया गया था।

इसकी पहचान परिजनों ने अस्पताल में जाकर भोलाराम के रूप में की थी। दो दिनों तक इलाज भी कराया था। लेकिन अगले दिन उसकी मौत हो जाने के बाद परिजनों ने शिवधारा आजमनगर सड़क को जाम कर हंगामा किया था। इस हंगामे के बाद एसएसपी जगुनाथ रेड्डी ने कार्रवाई करते हुए मब्बी थानाध्यक्ष दीपक कुमार को निलंबित कर दिया था। अब युवक जिंदा बरामद होने के बाद कई सवाल उठ खड़े हुए है। यह चर्चा का विषय भी बना हुआ है।

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