Bihar News: पैक्स के जरिए गांवों में रोजगार सृजन की पहल, कार्यशाला में आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर जोर h3>
बिहार सरकार के सहकारिता विभाग द्वारा दीप नारायण सिंह क्षेत्रीय सहकारी प्रबंध संस्थान, शास्त्रीनगर, पटना में आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला में चयनित पैक्सों एवं एफपीओ के 100 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पैक्सों के माध्यम से गांवों में ही रोजगार के अवसर सृजित कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाना है।
व्यवसायिक चुनौतियों और अवसरों पर चर्चा
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को वर्तमान में व्यवसाय करने में आने वाली विभिन्न चुनौतियों के समाधान के बारे में विशेषज्ञों द्वारा जानकारी दी गई। साथ ही नए व्यवसाय के अवसर, कार्यान्वयन की प्रक्रिया, क्रियाशील पूंजी की व्यवस्था और विपणन से जुड़े पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का भी समाधान किया गया।
अन्य राज्यों के सफल मॉडल से मिली प्रेरणा
महाराष्ट्र, तमिलनाडु, ओडिशा और झारखंड के पैक्सों एवं एफपीओ द्वारा किए जा रहे सफल कार्यों को वीडियो कॉल के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। इन उदाहरणों ने प्रतिभागियों को प्रेरित किया। कार्यशाला में जैविक खेती, वर्मी कम्पोस्ट, खाद्य प्रसंस्करण, मिलेट उत्पादन, पैकेजिंग, पॉली हाउस, तेल मिल, दाल मिल, मसालों का प्रसंस्करण, प्याज-टमाटर उत्पादन और मक्का आधारित उत्पाद जैसे ग्रामीण उद्योगों की जानकारी दी गई।
विभिन्न संस्थानों और विभागों की भागीदारी
कार्यशाला में राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के पदाधिकारी प्रशिक्षक के रूप में शामिल हुए और अपनी योजनाओं की जानकारी साझा की। इसमें उद्योग विभाग, कृषि विभाग सहित अन्य संस्थानों की सहभागिता रही। इसके अतिरिक्त नाबार्ड, जीविका, इफको, एनसीडीसी, भारतीय स्टेट बैंक और बिहार राज्य सहकारी बैंक के प्रतिनिधियों ने भी अपने अनुभव साझा किए।
बाजार से सीधा जुड़ाव पर जोर
कार्यक्रम में कार्पोरेट बायर्स जैसे मदर डेयरी, बिग बास्केट, रिलायंस मार्ट, देहात, आर्य एजी, फार्म मार्ट और नाफेड के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। उन्होंने बताया कि यदि पैक्स और एफपीओ बड़े पैमाने पर उत्पादन करते हैं तो गांव से ही उत्पादों का उठाव संभव होगा, जिससे बिना बिचौलियों के सीधे बाजार तक पहुंच बनाई जा सकेगी।
कार्यशाला का शुभारंभ सहकारिता विभाग मंत्री डॉ प्रमोद कुमार बिहार द्वारा किया गया। उन्होंने प्रतिभागियों को पूरी लगन से कार्य करने और विभाग की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। विभाग के सचिव धर्मेन्द्र सिंह ने भी प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करते हुए कार्यशाला का पूरा लाभ उठाने की अपील की।
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समापन सत्र में विशेषज्ञों की भागीदारी
18.03.2026 को कार्यशाला के समापन अवसर पर रजनीष कुमार सिंह, निबंधक, सहयोग समितियां, नीति आयोग की वरीय सलाहकार बबिता सिंह, त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय की प्रोफेसर प्रीति प्रिया और डॉ अभिनव वर्मा ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने प्रतिभागियों से कार्यशाला में सीखी गई बातों को व्यवहार में लाने की अपेक्षा जताई।
आत्मनिर्भर गांव की दिशा में पहल
समापन के दौरान बताया गया कि राज्य जल्द ही एक बड़े रोजगार बाजार के रूप में उभर सकता है। पैक्सों एवं एफपीओ के माध्यम से गांवों में ही रोजगार उपलब्ध कराकर लोगों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

