Bihar News: इलाज में लापरवाही और शव वाहन की कमी पर परिजनों ने किया हंगामा, स्ट्रेचर पर शव ले जाने को हुए मजबूर

3
Bihar News: इलाज में लापरवाही और शव वाहन की कमी पर परिजनों ने किया हंगामा, स्ट्रेचर पर शव ले जाने को हुए मजबूर

Bihar News: इलाज में लापरवाही और शव वाहन की कमी पर परिजनों ने किया हंगामा, स्ट्रेचर पर शव ले जाने को हुए मजबूर


स्ट्रेचर पर शव ले जाते परिजन
– फोटो : NEWS4SOCIAL

विस्तार


पश्चिम चंपारण के अनुमंडलीय अस्पताल नरकटियागंज में बुधवार को इलाज में लापरवाही और शव वाहन की सुविधा नहीं होने के कारण परिजनों ने जमकर हंगामा किया। उन्होंने अस्पताल प्रशासन पर बदइंतजामी और लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए। मौके पर कुछ स्थानीय लोगों के हस्तक्षेप के बाद स्थिति को शांत किया गया। हालांकि गुस्साए परिजन शव को अस्पताल के स्ट्रेचर पर ही घर ले जाने को मजबूर हो गए।

Trending Videos

 

इलाज में देरी बनी मौत की वजह?

जानकारी के मुताबिक, मृतक की पहचान नरकटियागंज नगर के वार्ड-9 निवासी दशरथ महतो के बेटे भरत महतो (35) के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, बुधवार अहले सुबह भरत महतो को अचानक उल्टी और पेट दर्द की शिकायत हुई, जिसके बाद उसे अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया।

 

परिजनों का कहना है कि अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी और इलाज में लापरवाही के कारण भरत महतो की मौत हो गई। भर्ती के बाद उसे पानी चढ़ाया गया, लेकिन स्थिति गंभीर होते ही चिकित्सकों ने जिला मुख्यालय रेफर कर दिया। इसी बीच जब परिजन उसे जिला अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रहे थे, तभी अस्पताल में ही उसकी मौत हो गई।

 

भरत महतो के भाई लक्ष्मण महतो ने आरोप लगाते हुए कहा कि मेरे भाई की तबीयत बिगड़ती जा रही थी, लेकिन अस्पताल में कोई विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं था। समय पर सही इलाज नहीं मिलने के कारण उसकी जान चली गई। अगर बेहतर सुविधा होती, तो शायद उसकी जान बचाई जा सकती थी।

 

शव वाहन तक नहीं मिला

मौत के बाद भी परिजनों की परेशानी खत्म नहीं हुई। अस्पताल प्रशासन की लापरवाही इस कदर थी कि शव को घर ले जाने के लिए कोई एंबुलेंस या शव वाहन तक उपलब्ध नहीं कराया गया। परिजनों ने बताया कि उन्होंने अस्पताल प्रशासन से कई बार शव वाहन की मांग की, लेकिन न तो अस्पताल में शव वाहन उपलब्ध था और न ही किसी अन्य निजी वाहन की सुविधा मिल पाई। ऐसे में परिजन मजबूरन भरत महतो के शव को अस्पताल के स्ट्रेचर पर रखकर घर ले जाने को विवश हो गए। यह दृश्य देखकर स्थानीय लोग भी अस्पताल प्रशासन की लापरवाही पर आक्रोशित हो गए और जमकर नारेबाजी की।

 

अस्पताल की बदइंतजामी पर उठे सवाल

परिजनों का कहना है कि अस्पताल में न तो विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध हैं और न ही आवश्यक सुविधाएं। रेफर किए गए मरीजों को मुफ्त एंबुलेंस सुविधा भी नहीं दी जाती, जिससे गरीब मरीजों को भारी परेशानी होती है। स्थानीय लोगों ने भी अस्पताल प्रशासन पर नाराजगी जताते हुए कहा कि इस तरह की लापरवाही आए दिन देखी जा रही है। मरीजों को समय पर उचित इलाज नहीं मिल पाता, जिससे कई बार गंभीर बीमारियों से ग्रसित लोगों की जान चली जाती है।

 

जिम्मेदारों पर हो कार्रवाई करने की मांग

परिजनों और स्थानीय लोगों ने मांग की है कि अस्पताल की लापरवाही की उच्च स्तरीय जांच हो और दोषी चिकित्सकों व प्रशासनिक अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। हालांकि अस्पताल प्रशासन की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

बिहार की और खबर देखने के लिए यहाँ क्लिक करे – Bihar News