बिहार में मानसून की अजब विडंबना: कहीं बाढ़ की तबाही तो कहीं सूखे का संकट
बिहार में इस साल मानसून का मिज़ाज बेहद असमान और चिंताजनक रहा है। एक तरफ जहां कई प्रमुख नदियों ने रौद्र रूप दिखाकर 15 जिलों में बाढ़ की स्थिति पैदा कर दी, वहीं दूसरी ओर राज्य का एक बड़ा हिस्सा बारिश…
बिहार में इस साल मानसून का मिज़ाज बेहद असमान और चिंताजनक रहा है। एक तरफ जहां कई प्रमुख नदियों ने रौद्र रूप दिखाकर 15 जिलों में बाढ़ की स्थिति पैदा कर दी, वहीं दूसरी ओर राज्य का एक बड़ा हिस्सा बारिश की कमी से जूझ रहा है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, मानसून की विदाई में अब सिर्फ दो हफ्ते बाकी हैं, लेकिन प्रदेश में अब तक सामान्य से 35% कम बारिश दर्ज हुई है।
इस असमान वितरण का सबसे बड़ा असर किसानों पर पड़ा है, जो दोहरी मार झेल रहे हैं। कई इलाकों में उनकी फसलें बाढ़ के पानी में डूब गईं, तो कई जगहों पर पानी की कमी से खेतों में दरारें पड़ रही हैं। आलम यह है कि एक ही जिले के कुछ हिस्सों में बाढ़ है, तो दूसरे हिस्से सूखे की चपेट में हैं।
बारिश की कमी और जिलों का हाल
आंकड़े बताते हैं कि औरंगाबाद को छोड़कर राज्य के सभी 37 जिलों में बारिश सामान्य से कम हुई है। कई जिले तो ऐसे हैं जहां यह कमी 50 फीसदी से भी ज़्यादा है। शिवहर जिले की स्थिति सबसे खराब है, जहां सामान्य से 62 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। इसके बाद सीतामढ़ी और जहानाबाद में भी 58 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
कम बारिश के बावजूद बाढ़ की विनाशलीला
कम बारिश के बावजूद गंगा, कोसी और गंडक समेत सात बड़ी नदियों और पुनपुन जैसी कई छोटी नदियों का जलस्तर इस मौसम में खतरे के निशान से ऊपर गया। गंगा नदी ने तो पटना और भागलपुर में अपने पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। पटना के गांधी घाट पर इसका जलस्तर 50.58 मीटर तक पहुंच गया, जो 2016 के 50.52 मीटर के रिकॉर्ड से ज़्यादा है। इसी तरह, भागलपुर के सुल्तानगंज में भी गंगा ने 2021 का रिकॉर्ड तोड़ दिया।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 13 सितंबर तक बाढ़ से राज्य के 15 जिलों के 88 प्रखंडों की 575 पंचायतें प्रभावित हुई हैं। इन जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, भागलपुर और बेगूसराय शामिल हैं। बाढ़ की वजह से करीब 48.70 लाख लोगों का जीवन प्रभावित हुआ है, फसलें बर्बाद हो गई हैं और अनगिनत लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर जाना पड़ा है। अब सभी को मानसून के बचे हुए दिनों से कुछ राहत की उम्मीद है।
इनपुट: IANS



