बिहार में बाढ़ की समस्या: समाधान के लिए केंद्र भेजेगा टीम, शिवराज सिंह चौहान करेंगे नुकसान का आकलन
बिहार में हर साल आने वाली बाढ़ की गंभीर समस्या के स्थायी समाधान के लिए राज्य सरकार ने अपनी कोशिशें तेज कर दी हैं। इसी क्रम में, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जानकारी दी है कि केंद्रीय मंत्री शिवराज…
बिहार में हर साल आने वाली बाढ़ की गंभीर समस्या के स्थायी समाधान के लिए राज्य सरकार ने अपनी कोशिशें तेज कर दी हैं। इसी क्रम में, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जानकारी दी है कि केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में एक विशेष टीम जल्द ही बिहार का दौरा करेगी। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह केंद्रीय टीम राज्य में बाढ़ से हुए नुकसान और मौजूदा स्थिति का विस्तृत आकलन करेगी। इस पहल के लिए मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार भी व्यक्त किया।
यह घोषणा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को पटना के नेहरू पथ स्थित बिहार राज्य अभिलेख भवन में आयोजित 'हिंदी दिवस समारोह-सह-कवि सम्मेलन' के दौरान की। उन्होंने कहा कि सरकार बाढ़ से होने वाले जान-माल के नुकसान को कम करने और इस चुनौती का एक स्थायी व प्रभावी हल निकालने के लिए प्रतिबद्ध है।
नदी प्रबंधन और दीर्घकालिक योजना
बाढ़ की चुनौती से निपटने की रणनीति पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "नदी तंत्र के संरक्षण, जल प्रबंधन और बाढ़ नियंत्रण के लिए दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ काम किया जा रहा है।" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बिहार की नदियां राज्य के जीवन और अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण आधार हैं, इसलिए उन्हें जोड़ने के साथ-साथ उनका संरक्षण करना भी बेहद जरूरी है।
हिंदी भाषा और साहित्य पर जोर
हिंदी दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं और हिंदी के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, "हिंदी केवल संवाद की भाषा नहीं, बल्कि हमारी पहचान, संस्कृति, सभ्यता और समृद्ध साहित्यिक परंपरा की अभिव्यक्ति है।" उन्होंने बताया कि हिंदी विश्व में तीसरी सबसे अधिक प्रयोग की जाने वाली भाषा है।
इस मौके पर उन्होंने बिहार के साहित्यिक पुरोधाओं जैसे विद्यापति, राष्ट्रकवि रामधारी सिंह 'दिनकर' और जनकवि नागार्जुन को भी याद किया। मुख्यमंत्री ने वैश्विक मंच पर हिंदी को पहचान दिलाने में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान को सराहा और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर हिंदी में भारत का पक्ष रखने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी प्रशंसा की।
बिहार में होगा हिंदी साहित्य समागम
हिंदी के साहित्यिक और सांस्कृतिक विस्तार को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि बिहार में जल्द ही दो दिवसीय 'हिंदी साहित्य समागम' का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देशभर के प्रमुख साहित्यकार, रचनाकार, कवि और विद्वान शामिल होंगे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इसकी तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव और मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने भी अपने विचार रखे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर राजभाषा पत्रिका का भी लोकार्पण किया।
इनपुट: IANS



