बिहार: छात्र आंदोलन समाप्त, सरकार ने मानी कई प्रमुख मांगें, TRE-4 अब एक ही चरण में होगी
बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों और सरकार के बीच गतिरोध समाप्त हो गया है। गुरुवार को हुई एक अहम बैठक के बाद छात्रों ने अपना आंदोलन वापस लेने की घोषणा की। समाचार एजेंसी IANS…
बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों और सरकार के बीच गतिरोध समाप्त हो गया है। गुरुवार को हुई एक अहम बैठक के बाद छात्रों ने अपना आंदोलन वापस लेने की घोषणा की। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस बैठक में सरकार ने छात्रों की कई महत्वपूर्ण मांगों पर सहमति जताई है, जिसमें सबसे बड़ा फैसला शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4) को लेकर हुआ है। अब यह परीक्षा दो के बजाय सिर्फ एक चरण में आयोजित की जाएगी।
शिक्षा विभाग के सचिव की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में छात्र प्रतिनिधिमंडल द्वारा रखी गई सभी लिखित मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई, जिसके बाद आंदोलन समाप्ति पर सर्वसम्मति बनी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि सरकार छात्रों की मांगों को लेकर शुरू से ही गंभीर रही है और TRE-4 के अलावा नौ अन्य महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए हैं।
परीक्षा सुधार और जांच पर सहमति
बैठक में विभिन्न परीक्षाओं में सुधार और पारदर्शिता को लेकर कई बड़े निर्णय लिए गए। सरकार ने बताया कि परीक्षा सुधार के लिए पटना उच्च न्यायालय के एक न्यायाधीश की अध्यक्षता में विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया है। यह समिति शिकायतों की सुनवाई करेगी और शिकायतकर्ताओं को सबूतों के साथ अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा। इसी समिति की रिपोर्ट के आधार पर 1,799 दरोगा पदों की भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इसके अलावा, बीपीएससी द्वारा आयोजित एईडीओ और सेनेटरी जैसी परीक्षाओं में पेपर लीक के आरोपों की निष्पक्ष जांच आर्थिक अपराध इकाई (EOU) द्वारा की जा रही है।
अन्य प्रमुख मांगों पर सरकार का रुख
छात्रों की अन्य मांगों पर भी सरकार ने सकारात्मक रुख दिखाया है। बैठक में इन बिंदुओं पर सहमति बनी:
- एक अभ्यर्थी, एक परिणाम: इस मांग पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- BSSC कैलेंडर: बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BSSC) जल्द ही परीक्षा कैलेंडर जारी करेगा ताकि भर्तियां समय पर पूरी हों।
- सहायक प्राध्यापक भर्ती: इस नियुक्ति से पहले बिहार पात्रता परीक्षा (BET) आयोजित करने की मांग पर भी निर्णय लिया गया।
- पुस्तकालयाध्यक्ष (Librarian) भर्ती: खाली पदों पर बहाली प्रक्रिया जल्द शुरू करने पर सहमति बनी है।
- डोमिसाइल नीति: राज्य की सभी भर्तियों में अधिकतम डोमिसाइल नीति लागू करने के लिए कानून विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार कार्रवाई होगी।
इसके अतिरिक्त, संविदा कर्मियों को भर्ती में वेटेज के लिए अलग कोटा, भर्ती परीक्षाओं में अधिकतम उम्र सीमा में छूट, और बीपीएससी की तर्ज पर प्रश्नपत्र व OMR शीट में पारदर्शिता जैसे मुद्दों को भी विचार के लिए विशेषज्ञ समिति के समक्ष रखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि छात्रों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए 'विद्यार्थी सहयोग पोर्टल' और 'विद्यार्थी सहयोग शिविर' शुरू किए गए हैं, जिनका लक्ष्य 30 दिनों के भीतर समाधान करना है।
इनपुट: IANS



