शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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बिहार: ग्रामीण कार्य विभाग के इंजीनियर के ठिकानों पर निगरानी का छापा, आय से 88% अधिक संपत्ति का खुलासा

बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने ग्रामीण कार्य विभाग के एक कार्यपालक अभियंता के कई ठिकानों पर छापेमारी की है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, अभियंता चंद्रशेखर…

बिहार: ग्रामीण कार्य विभाग के इंजीनियर के ठिकानों पर निगरानी का छापा, आय से 88% अधिक संपत्ति का खुलासा
(फोटो: IANS)

बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने ग्रामीण कार्य विभाग के एक कार्यपालक अभियंता के कई ठिकानों पर छापेमारी की है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, अभियंता चंद्रशेखर सिंह पर अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से लगभग 88 प्रतिशत अधिक संपत्ति जमा करने का आरोप है। इस मामले में ब्यूरो ने गुरुवार को पटना, कटिहार और सारण स्थित उनके तीन ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया।

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चंद्रशेखर सिंह के खिलाफ 13 अक्टूबर 2026 को निगरानी थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी (कांड संख्या 121/26) दर्ज की गई थी। उन पर कुल 1 करोड़ 10 लाख 96 हजार 883 रुपए की आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया गया है। इसी मामले में पटना के विशेष निगरानी न्यायालय से तलाशी वारंट मिलने के बाद ब्यूरो की तीन टीमों ने यह कार्रवाई की।

छापेमारी में क्या-क्या मिला?

तलाशी के दौरान अधिकारियों को 5.70 लाख रुपए नकद, सोने-चांदी के आभूषण और बड़ी संख्या में निवेश से जुड़े कागजात मिले हैं। ब्यूरो के अनुसार, बरामद दस्तावेजों में जमीन की डीड, बैंक खातों, शेयर बाजार और एलआईसी में किए गए निवेश से संबंधित कागजात शामिल हैं, जिनकी विस्तृत जांच की जा रही है। आभूषणों का मूल्यांकन भी किया जा रहा है।

संपत्ति का ब्योरा और छिपाए गए तथ्य

जांच में पता चला है कि आरोपी इंजीनियर, उनकी पत्नी श्वेता कुमारी और अन्य परिजनों के नाम पर कुल 14 अचल संपत्तियां हैं, जिनकी अनुमानित कीमत 1 करोड़ 79 लाख 41 हजार 883 रुपए है। इसके अलावा 16.55 लाख रुपए की पांच चल संपत्तियों का भी खुलासा हुआ है। जांच एजेंसी ने यह भी बताया कि सिलीगुड़ी के एक महंगे व्यावसायिक इलाके में 2021 में खरीदी गई जमीन के कागजात भी मिले हैं। उनकी पत्नी के नाम पर 92 डिसमिल जमीन की खरीद से जुड़ी 10 अलग-अलग डीड बरामद हुई हैं। आरोप है कि जब चंद्रशेखर फारबिसगंज में सहायक अभियंता थे, तब उन्होंने इन संपत्तियों का ब्योरा अपने वार्षिक संपत्ति विवरण में नहीं दिया था।

चंद्रशेखर सिंह 2014 से सरकारी सेवा में हैं और बांका, बायसी, फारबिसगंज, भागलपुर तथा किशनगंज में विभिन्न पदों पर रह चुके हैं। जून 2026 से वह छपरा में गुणवत्ता नियंत्रण प्रमंडल में कार्यपालक अभियंता के पद पर तैनात थे। निगरानी ब्यूरो का कहना है कि मामले में तलाशी और जांच की प्रक्रिया अभी जारी है।

इनपुट: IANS

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News4Social बिहार डेस्क

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