रविवार, 20 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
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बिहार में परीक्षा व्यवस्था होगी हाईटेक: 29 जिलों में बनेंगे नए केंद्र, 330 करोड़ की योजना को मंजूरी

बिहार में परीक्षाओं के आयोजन को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ी पहल की है। अब स्कूलों और कॉलेजों पर निर्भर रहने के बजाय परीक्षाओं के लिए समर्पित हाईटेक भवन बनाए जाएंगे, जिससे…

बिहार में परीक्षा व्यवस्था होगी हाईटेक: 29 जिलों में बनेंगे नए केंद्र, 330 करोड़ की योजना को मंजूरी
(फोटो: IANS)

बिहार में परीक्षाओं के आयोजन को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ी पहल की है। अब स्कूलों और कॉलेजों पर निर्भर रहने के बजाय परीक्षाओं के लिए समर्पित हाईटेक भवन बनाए जाएंगे, जिससे छात्रों की नियमित पढ़ाई में कोई बाधा नहीं आएगी। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस परियोजना के तहत राज्य के 29 जिलों में लगभग 330.07 करोड़ रुपये की लागत से 29 बहुउद्देशीय परीक्षा भवन-सह-वज्रगृह (स्ट्रांग रूम) का निर्माण किया जाएगा।

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मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर शुरू हो रही इस परियोजना को प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है। इन नए केंद्रों का मुख्य उद्देश्य बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC), कर्मचारी चयन आयोग (BSSC) और अन्य भर्ती एजेंसियों की परीक्षाओं के लिए एक स्थायी और आधुनिक बुनियादी ढांचा तैयार करना है। इससे परीक्षा के दिनों में शिक्षण संस्थानों में होने वाली पढ़ाई का नुकसान नहीं होगा।

कैसी होगी इन नए परीक्षा भवनों की संरचना?

विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह ने बताया कि 27 जिलों के 29 चिह्नित स्थानों पर ये चार मंजिला भवन (G+3) बनाए जाएंगे, जिनके लिए एक से डेढ़ एकड़ भूमि निर्धारित की गई है। प्रत्येक भवन में एक साथ करीब 4,000 परीक्षार्थी परीक्षा दे सकेंगे। पूरी प्रक्रिया सीसीटीवी की निगरानी में होगी, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सकेगी।

इन भवनों को सिर्फ परीक्षा आयोजित करने के लिए ही नहीं, बल्कि कई अन्य कामों के लिए भी इस्तेमाल किया जाएगा। परीक्षा के बाद उत्तर पुस्तिकाओं (Answer Sheets) को सुरक्षित रखने, उनका मूल्यांकन करने, बारकोडिंग और स्कैनिंग जैसी सुविधाओं के लिए भी ये केंद्र काम आएंगे।

सुरक्षा और अन्य उपयोग

इन हाईटेक भवनों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होंगे। यहां 24 घंटे सीसीटीवी रिकॉर्डिंग, फायर अलार्म, अग्निशमन उपकरण और आपदा प्रबंधन की व्यवस्थाएं रहेंगी। भवनों में बने वज्रगृह (स्ट्रांग रूम) में परीक्षा की गोपनीय सामग्री के अलावा जरूरत पड़ने पर चुनाव से जुड़ी संवेदनशील सामग्री भी सुरक्षित रखी जा सकेगी।

अधिकारियों के मुताबिक, राज्य के नौ प्रमंडलीय मुख्यालयों में पहले से ही ऐसे परीक्षा भवन चल रहे हैं। अब 29 नए केंद्रों के बनने से इस नेटवर्क का बड़े पैमाने पर विस्तार होगा। पटना का बापू परीक्षा परिसर इसका एक बड़ा उदाहरण है, जहाँ एक साथ 16,600 से अधिक छात्र ऑफलाइन और 3,500 छात्र ऑनलाइन परीक्षा दे सकते हैं।

इनपुट: IANS

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News4Social बिहार डेस्क

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