पटना स्नातक MLC चुनाव: JDU विधायक अनंत सिंह ने निर्दलीय प्रत्याशी के लिए प्रचार कर बढ़ाई सियासी हलचल
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर 23 अक्टूबर को होने वाले मतदान से पहले पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। इसकी सबसे बड़ी वजह मोकामा से JDU विधायक अनंत सिंह का जन सुराज के…
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर 23 अक्टूबर को होने वाले मतदान से पहले पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। इसकी सबसे बड़ी वजह मोकामा से JDU विधायक अनंत सिंह का जन सुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह के पक्ष में खुलकर प्रचार करना है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अनंत सिंह लगातार रोड शो और जनसंपर्क के जरिए अनुज सिंह के लिए माहौल बनाने में जुटे हैं, जिससे चुनावी समीकरणों में एक नया मोड़ आ गया है।
अनंत सिंह, जो मोकामा की राजनीति में एक मजबूत पकड़ रखते हैं और अपने विधानसभा क्षेत्र में अजेय माने जाते हैं, उनका समर्थन अनुज सिंह के लिए एक बड़ी राजनीतिक बढ़त के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, इस समर्थन का चुनावी नतीजों पर कितना असर होगा, यह तो मतदाता ही तय करेंगे।
शिक्षा और रोजगार के वादे
प्रत्याशी अनुज सिंह अपनी पहचान एक शिक्षाविद और समाजसेवी के रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं। उनका चुनावी अभियान मुख्य रूप से शिक्षा और युवाओं के भविष्य पर केंद्रित है। उन्होंने पटना, नवादा और नालंदा में स्नातक छात्रों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु कोचिंग सेंटर खोलने का वादा किया है। वह हर साल 500 गरीब बच्चों को मुफ्त पढ़ाने और 10,000 कंबल बांटने की योजना का भी दावा करते हैं। अनुज सिंह का कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को बेहतर शिक्षा मुहैया कराना उनकी प्राथमिकता है।
मौजूदा MLC के खिलाफ सत्ता-विरोधी लहर
दूसरी तरफ, मौजूदा विधान परिषद सदस्य नीरज कुमार को कथित सत्ता-विरोधी रुझान का सामना करना पड़ रहा है। उनके विरोधियों का आरोप है कि लगभग 25 वर्षों के अपने राजनीतिक जीवन में उन्होंने स्नातक छात्रों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से नहीं उठाया। बेरोजगारी और छात्र हितों के मुद्दों पर उनकी सक्रियता को लेकर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
इस चुनाव ने राज्य के प्रमुख राजनीतिक दलों की भी बेचैनी बढ़ा दी है। एक ओर जहां अनंत सिंह का यह कदम NDA के लिए असहज स्थिति पैदा कर रहा है, वहीं महागठबंधन में भी कांग्रेस और राजद के बीच खींचतान की खबरें हैं। अब देखना यह है कि पटना स्नातक क्षेत्र के मतदाता शिक्षा और रोजगार के मुद्दों को तरजीह देते हैं या राजनीतिक प्रभाव को।
इनपुट: IANS



