वैशाली नाव हादसा: जर्जर नाव और अनदेखी ने छीनी 13 जिंदगियां, मातम में डूबा राघोपुर का गांव
बिहार के वैशाली जिले का राघोपुर इलाका एक दर्दनाक नाव हादसे के बाद मातम में डूब गया है। रामपुर श्यामचंद गांव के पास हुई इस दुर्घटना में अब तक 13 लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें ज्यादातर बच्चे शामिल…
बिहार के वैशाली जिले का राघोपुर इलाका एक दर्दनाक नाव हादसे के बाद मातम में डूब गया है। रामपुर श्यामचंद गांव के पास हुई इस दुर्घटना में अब तक 13 लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें ज्यादातर बच्चे शामिल हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, ये सभी लोग एक भोज में शामिल होने के लिए नाव से नदी पार कर रहे थे, जब यह हादसा हुआ।
बुधवार को बचाव अभियान फिर से शुरू किया गया, जिसके बाद शवों को निकालने का सिलसिला जारी रहा। बताया जा रहा है कि नाव पर 20 से ज्यादा लोग सवार थे, जिनमें बड़ी संख्या बच्चों की थी। नाव के क्षतिग्रस्त होने की वजह से वह बीच नदी में डूब गई। घटना के बाद से पूरे गांव में चीख-पुकार का माहौल है और कई परिवारों की दशहरे की खुशियां मातम में बदल गई हैं।
ग्रामीणों का आरोप, जर्जर थी सरकारी नाव
इस हादसे को लेकर स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि जिस नाव से यह दुर्घटना हुई, वह सरकारी थी और लंबे समय से बेहद जर्जर हालत में थी। उन्होंने दावा किया कि नाव को बदलने के लिए अधिकारियों को कई बार आवेदन दिया गया, लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। लोगों का मानना है कि अगर समय पर कार्रवाई हुई होती तो इस त्रासदी को टाला जा सकता था। हालांकि, प्रशासन की ओर से इन आरोपों की जांच के बाद ही आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी।
प्रशासनिक जवाबदेही पर उठे सवाल
घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी दुख व्यक्त किया है। इस त्रासदी ने एक बार फिर नदी पार करने के लिए सुरक्षित परिवहन और प्रशासनिक लापरवाही के मुद्दे को सामने ला दिया है। स्थानीय स्तर पर यह भी बात सामने आई है कि बाढ़ के दौरान राघोपुर में रात के समय नाव चलाने पर प्रतिबंध था। ऐसे में, सुरक्षा नियमों के पालन की भी जांच की जाएगी। फिलहाल, प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर मौजूद हैं और राहत कार्य जारी है।
इनपुट: IANS



