गया: दारोगा के बेटे की हत्या के दो आरोपी पुलिस मुठभेड़ में घायल, हथियार बरामद
बिहार के गया में एक दारोगा के बेटे की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। हत्याकांड के दो आरोपियों को पुलिस ने एक मुठभेड़ के बाद घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया है। समाचार एजेंसी IANS की…
बिहार के गया में एक दारोगा के बेटे की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। हत्याकांड के दो आरोपियों को पुलिस ने एक मुठभेड़ के बाद घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह मुठभेड़ गुरुवार देर रात करीब दो बजे मुफस्सिल थाना क्षेत्र के भिक्षा गांव में हुई।
पुलिस ने बताया कि आरोपी श्याम बिहारी और गौरव उर्फ काला के पैरों में गोली लगी है। दोनों को इलाज के लिए अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मुफस्सिल थानाध्यक्ष देवराज के अनुसार, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ अपराधी गांव के पास इकट्ठा हुए हैं, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई।
क्या है पूरा मामला?
यह घटना 19 अक्टूबर 2026 की रात की है। उस रात मानपुर के सिद्धार्थपुरी कॉलोनी में अपराधियों ने दारोगा सुधांशु शेखर उर्फ पिंटू सिंह के दो बेटों पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई थीं। इस गोलीबारी में उनके छोटे बेटे रानू सिंह की मौत हो गई, जबकि बड़े बेटे मोनू सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना भेजा गया था। सुधांशु शेखर वर्तमान में मोतिहारी में दारोगा के पद पर तैनात हैं।
जांच में पुरानी रंजिश का शक
परिजनों के अनुसार, घटना से पहले दोनों भाइयों को किसी विवाद को लेकर फोन करके बुलाया गया था और वहां पहुंचते ही उन पर हमला कर दिया गया। शुरुआती जांच में इस हत्याकांड के पीछे पुरानी रंजिश और जुए से जुड़ा विवाद होने की आशंका जताई गई थी।
पुलिस इस हत्याकांड के बाद से ही आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही थी। इसी अभियान के दौरान भिक्षा गांव में पुलिस की आरोपियों से मुठभेड़ हुई। मौके से एक पिस्तौल, एक कट्टा और कुछ गोलियां भी बरामद की गई हैं। पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपी श्याम बिहारी का आपराधिक इतिहास रहा है। अब इन गिरफ्तारियों से मामले की जांच में तेजी आने की उम्मीद है।
इनपुट: IANS



