फरक्का जल संधि: JDU बिहार के 12 जिलों में चलाएगी जागरूकता अभियान, 5 सितंबर से बक्सर में शुरुआत
बिहार में जनता दल (यूनाइटेड) ने फरक्का जल संधि को लेकर एक बड़े राज्यव्यापी अभियान की घोषणा की है। पार्टी इस संधि से राज्य को हो रहे नुकसान के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए 12 जिलों में 'फरक्का…
बिहार में जनता दल (यूनाइटेड) ने फरक्का जल संधि को लेकर एक बड़े राज्यव्यापी अभियान की घोषणा की है। पार्टी इस संधि से राज्य को हो रहे नुकसान के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए 12 जिलों में 'फरक्का जल संधि पर नीतीश संवाद' कार्यक्रम आयोजित करेगी। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, इस अभियान का नेतृत्व जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा और प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा करेंगे।
अभियान का पहला चरण 5 सितंबर को बक्सर के सेंट्रल जेल रोड स्थित बगीचा उत्सव मैरिज लॉन से शुरू होगा। इसके बाद 6 सितंबर को भोजपुर, 8 सितंबर को सारण और 9 सितंबर को खगड़िया में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जेडीयू ने बताया है कि पहले चरण के बाद राज्य के अन्य जिलों में भी ऐसे ही संवाद कार्यक्रम रखे जाएंगे।
संधि से बिहार को नुकसान का दावा
जेडीयू का दावा है कि फरक्का बैराज की वजह से गंगा नदी में भारी मात्रा में गाद जमा हो गई है, जिससे नदी का तल ऊपर उठ गया है। पार्टी के मुताबिक, इसी कारण मानसून में उत्तर बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो जाती है, जबकि गर्मियों के मौसम में कई इलाकों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ता है।
पार्टी का यह भी कहना है कि फरक्का जल संधि के कारण बिहार को सिंचाई, पीने के पानी और अन्य विकास कार्यों के लिए पर्याप्त जल नहीं मिल पा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य किसानों, आम नागरिकों और समाज के विभिन्न वर्गों को इस मुद्दे की जानकारी देना और उनकी राय लेना है, ताकि इसे एक व्यापक जनचर्चा का विषय बनाया जा सके।
संधि के नवीनीकरण पर नज़र
जेडीयू ने इस बात पर जोर दिया है कि भारत और बांग्लादेश के बीच 1996 में हुई इस संधि की अवधि दिसंबर 2026 में समाप्त हो रही है। पार्टी की मांग है कि संधि के नवीनीकरण से पहले बिहार के हितों और राज्य की साल 2050 तक की पानी की जरूरतों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
इनपुट: IANS



