बिहार: एक साल पुराने आत्महत्या केस में नया मोड़, मारपीट के वीडियो ने खोला हत्या का राज़
बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में एक साल पहले जिसे आत्महत्या मानकर बंद कर दिया गया था, वह मामला अब हत्या का रूप ले चुका है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, एक साल बाद सामने आए एक वीडियो ने पूरे मामले को…
बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में एक साल पहले जिसे आत्महत्या मानकर बंद कर दिया गया था, वह मामला अब हत्या का रूप ले चुका है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, एक साल बाद सामने आए एक वीडियो ने पूरे मामले को पलट दिया है, जिसमें मृतका के साथ उसके ससुराल वालों द्वारा मारपीट की जा रही है। इस नए सबूत के आधार पर पुलिस ने हत्या की FIR दर्ज कर जांच के लिए SIT का गठन कर दिया है।
यह घटना संग्रामपुर थाना क्षेत्र के परसौना गांव की है। यहां 2 अक्टूबर 2025 को निकेश कुमार सिंह की पत्नी मनीषा देवी का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी के फंदे से लटका मिला था। तब मृतका के भाई सुमित कुमार सिंह ने पुलिस को लिखित में दिया था कि उनकी बहन ने आत्महत्या की है और इसमें किसी का कोई दोष नहीं है। उन्होंने पोस्टमार्टम कराने से भी इनकार कर दिया था, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर शव को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया था।
वीडियो ने बदला पूरा मामला
करीब एक साल बाद, मृतका के भाई को एक वीडियो मिला, जिसमें कथित तौर पर मनीषा देवी के साथ मारपीट की जा रही है। इस वीडियो के सामने आने के बाद उन्होंने अरेराज के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) से संपर्क किया और अपनी बहन की मौत पर संदेह जताया।
पूर्वी चंपारण के पुलिस अधीक्षक (SP) स्वर्ण प्रभात ने बताया कि वीडियो देखने पर पहली नजर में ही मामला संदिग्ध लगा। इसके बाद 26 सितंबर 2026 को संग्रामपुर थाने में हत्या का मामला दर्ज किया गया। इस मामले में अब तक पांच लोगों की पहचान हुई है, जिनमें तीन नामजद और दो अन्य आरोपी शामिल हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
SIT करेगी जांच, पुलिस की भूमिका भी सवालों में
मामले की गंभीरता को देखते हुए SP ने अरेराज के SDPO के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट हासिल करने के लिए भी कोर्ट में अर्जी दी गई है। SP स्वर्ण प्रभात ने यह भी बताया कि वायरल वीडियो की प्रामाणिकता और समय का पता लगाने के लिए इसे फॉरेंसिक जांच (FSL) के लिए भेजा जाएगा।
इस बीच, मृतका के परिजनों ने तत्कालीन थानाध्यक्ष की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। पुलिस अधीक्षक ने आश्वासन दिया है कि इस आरोप की अलग से जांच की जाएगी और अगर किसी भी स्तर पर पुलिस की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
इनपुट: IANS



