बिहार: फर्ज़ी शिक्षक के नाम ₹98 लाख वेतन भुगतान, भागलपुर के DEO और DPO निलंबित
बिहार के भागलपुर में शिक्षा विभाग ने एक बड़े फर्जीवाड़े के मामले में दो वरिष्ठ अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की है। एक फर्ज़ी शिक्षिका के नाम पर सरकारी पोर्टल से 98.12 लाख रुपये का वेतन अवैध रूप से…
बिहार के भागलपुर में शिक्षा विभाग ने एक बड़े फर्जीवाड़े के मामले में दो वरिष्ठ अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की है। एक फर्ज़ी शिक्षिका के नाम पर सरकारी पोर्टल से 98.12 लाख रुपये का वेतन अवैध रूप से निकाले जाने के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO) को निलंबित कर दिया गया है। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, दोनों अधिकारियों के खिलाफ अलग से विभागीय कार्रवाई भी शुरू की जाएगी।
यह पूरा मामला भागलपुर के जिलाधिकारी द्वारा सौंपी गई एक जांच रिपोर्ट के बाद सामने आया। रिपोर्ट के मुताबिक, सुल्तानगंज प्रखंड में तनुश्री नामक एक फर्ज़ी विशिष्ट शिक्षिका के खाते में एचआरएमएस (HRMS) पोर्टल का उपयोग कर कुल 98,12,773 रुपये का भुगतान कर दिया गया। इस गंभीर अनियमितता के उजागर होने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया।
जांच रिपोर्ट और FIR के आधार पर कार्रवाई
शिक्षा विभाग के निदेशक (प्रशासन) विजय कुमार पांडेय द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि यह कार्रवाई जिलाधिकारी की जांच रिपोर्ट और जोगसर थाने में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर की गई है। जिलाधिकारी ने अपनी रिपोर्ट 9 अक्टूबर 2026 को विभाग को सौंपी थी, जबकि इस मामले में 8 अक्टूबर 2026 को जोगसर थाने में प्राथमिकी (कांड संख्या 198/26) भी दर्ज कराई गई थी।
जारी आदेश के अनुसार, जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) चंदन कुमार को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-9(1)(क) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन की अवधि के दौरान उनका मुख्यालय पूर्णिया प्रमंडल के क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक का कार्यालय होगा।
एक अधिकारी हिरासत में लिए जाने की तारीख से निलंबित
वहीं, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO), स्थापना, शशि चंदन चौधरी को उनकी हिरासत में लिए जाने की तारीख 9 अक्टूबर 2026 से अगले आदेश तक निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के लिए उनका मुख्यालय दरभंगा प्रमंडल के क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक कार्यालय में रहेगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि दोनों अधिकारियों को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा और उनके खिलाफ आरोप पत्र जारी कर अनुशासनिक कार्रवाई अलग से शुरू की जाएगी।
इनपुट: IANS



