Bihar: मां से कहा था ‘फ्री होकर बात करूंगा’, किसे पता था यही होगी शुभम की आखिरी कॉल

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Bihar: मां से कहा था ‘फ्री होकर बात करूंगा’, किसे पता था यही होगी शुभम की आखिरी कॉल

Bihar: मां से कहा था ‘फ्री होकर बात करूंगा’, किसे पता था यही होगी शुभम की आखिरी कॉल

‘अभी थोड़ी जल्दी में हूं, मैं फ्री होकर आराम से बात करूंगा’, यह कहना था फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार का। शुभम ने शनिवार को अपनी मां से बात करते-करते फोन काट दिया था। वीडियो कॉल पर हुई बातचीत के संबंध में शुभम की मां ने बताया कि परिवार उनकी शादी की तैयारी करना चाहता था, लेकिन शुभम का जवाब था कि अभी सिर्फ देश सेवा करनी है। असम के जोरहाट एयर बेस पर हुई विमान लैंडिंग दुर्घटना में जहानाबाद के रहने वाले वायुसेना के फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार की मौत हो गई। शुभम कुमार जहानाबाद जिले के हुलासगंज थाना क्षेत्र के बनवरिया गांव के निवासी थे। उनके पिता अमरेंद्र आनंद किसान हैं, जबकि उनकी मां गृहिणी हैं। भारतीय वायुसेना का एएन-32 परिवहन विमान शनिवार को लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें शुभम सहित पांच वायुसेना कर्मियों की मौत हो गई, जबकि सह-पायलट गंभीर रूप से घायल है, जिसका इलाज चल रहा है।

आखिरी कॉल की याद से बिलख उठा परिवार

बेटे को खोने के गम में माता-पिता का बुरा हाल था। शुभम के छोटे भाई सत्यम ने रोते हुए बताया कि सुबह 11 बजे जानकारी मिली कि उनका विमान लैंडिंग के समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें वह नहीं रहे। परिवार को पहले इस खबर पर विश्वास नहीं हुआ और लगा कि कोई गलत या भ्रामक सूचना दे रहा है। जब शुभम के मोबाइल पर दोबारा कॉल किया गया, तब हादसे की पुष्टि हुई। इस घटना ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया।

मां से वीडियो कॉल पर हुई थी आखिरी बातचीत

परिजनों ने बताया कि शुभम ने शनिवार को लगभग 10 बजे वीडियो कॉल किया था और अपनी मां से बात की थी। उस दौरान वह बेहद खुश और सामान्य नजर आ रहे थे। भाई सत्यम ने बताया कि समय कम होने के कारण उनकी शुभम से बात नहीं हो सकी। शुभम ने मुस्कुराते हुए सिर्फ इतना कहा था, “अभी थोड़ी जल्दी में हूं, फ्री होने के बाद आराम से बात करूंगा।” यही उनके जीवन की आखिरी बातचीत साबित हुई।

गांव का चहेता बेटा था शुभम

गांव के लोगों ने बताया कि बनवरिया गांव का शुभम बेहद मिलनसार और सरल स्वभाव का था। जब भी वह छुट्टी पर गांव आता था, हर छोटे-बड़े से प्रेमपूर्वक मिलता था। उसकी उपलब्धियों पर पूरे गांव ही नहीं, बल्कि जिले को भी गर्व था। फिलहाल शहीद के घर सांत्वना देने वालों का तांता लगा हुआ है और पूरा गांव नम आंखों से अपने लाडले के पार्थिव शरीर के गांव पहुंचने का इंतजार कर रहा है।

देश सेवा को समर्पित था पूरा जीवन

देश सेवा के सर्वोच्च बलिदान देने वाले जहानाबाद के वीर सपूत शुभम फ्लाइट लेफ्टिनेंट के पद पर कार्यरत थे। अपनी कड़ी मेहनत और प्रतिभा के दम पर उन्होंने वर्ष 2021 में भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर के रूप में योगदान दिया था। दो भाइयों में बड़े शुभम बेहद मिलनसार और अनुशासित युवा थे।

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शादी से पहले देश को दी प्राथमिकता

परिवार शुभम की शादी की तैयारी कर रहा था, लेकिन जब भी शादी की बात होती थी, वह स्पष्ट रूप से कहते थे कि अभी देश सेवा अधिक जरूरी है। उनका कहना था कि फिलहाल उनका पूरा ध्यान करियर और देश की सेवा पर है। यही सोच उनके समर्पण और राष्ट्रप्रेम को दर्शाती है।

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