Bihar: डीएमसीएच में ऑपरेशन टेबल पर गर्भवती की मौत; परिजनों का हंगामा, डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही का आरोप h3>
उत्तर बिहार के सबसे बड़े अस्पताल डीएमसीएच के गायनिक विभाग में डॉक्टरों की लापरवाही से ऑपरेशन के दौरान एक गर्भवती महिला की मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। बताया जाता है कि मृतका जयसूर्या कुमारी को परिजनों ने प्रसव के लिए बीती रात अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां प्रसव के लिए की गई सर्जरी के दौरान यह घटना हुई। मृतका के परिजनों ने चिकित्सकों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
एक वर्ष पहले हुई थी शादी
मृतका की पहचान कमतौल थाना क्षेत्र निवासी 25 वर्षीय जयसूर्या कुमारी, पति उदित लीलहा, के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, जयसूर्या कुमारी गर्भवती थीं और शुक्रवार को प्रसव पीड़ा शुरू होने के बाद उन्हें डीएमसीएच में भर्ती कराया गया था। जांच के दौरान चिकित्सकों ने बताया था कि गर्भ में मौजूद शिशु द्वारा मल त्याग किए जाने की स्थिति बन गई है, जिसके कारण प्रसूता को विशेष चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया था। महिला को लगातार लेबर पेन भी हो रहा था। जयसूर्या कुमारी की शादी करीब एक वर्ष पूर्व हुई थी।
खुशियों की तैयारी के बीच छाया मातम
परिवार का कहना है कि घर में आने वाली खुशियों की तैयारी चल रही थी, लेकिन अचानक मातम छा गया। मृतका की मां डीएमसीएच के पीजी गर्ल्स हॉस्टल में वार्डन के पद पर कार्यरत हैं, जबकि उनके पति अस्पताल के ईएनटी विभाग में डाटा ऑपरेटर के रूप में कार्यरत हैं। अस्पताल से जुड़े परिवार की इस त्रासदी ने लोगों को भी भावुक कर दिया।
ऑपरेशन में लापरवाही का आरोप
परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान गंभीर चिकित्सकीय लापरवाही बरती गई, जिससे जयसूर्या कुमारी की हालत लगातार बिगड़ती चली गई और अंततः उनकी मौत हो गई। उन्होंने आरोप लगाया कि ऑपरेशन प्रशिक्षु चिकित्सक द्वारा किया जा रहा था और वरिष्ठ चिकित्सकों की निगरानी पर्याप्त नहीं थी।
अस्पताल में हंगामा, पुलिस पहुंची
घटना से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया। स्थिति बिगड़ती देख डायल-112 को सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर शांत कराया। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने न तो मीडिया को प्रवेश करने दिया और न ही पुलिस को।
नवजात मां का दूध पीने से भी वंचित
मृतका के देवर गौरव कुमार ने चिकित्सकों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि लापरवाही के कारण एक परिवार पूरी तरह से बर्बाद हो गया। उन्होंने कहा कि मां की मौत के बाद नवजात शिशु अपनी मां का दूध तक नहीं पी सका। परिवार ने दोषी चिकित्सकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।
परिजनों की मांगें
परिजनों ने प्रसूता की मौत की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच, ऑपरेशन में शामिल चिकित्सकों की भूमिका की जांच, दोषी पाए जाने पर कड़ी कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई, पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा एवं न्याय देने की मांग की है। साथ ही उन्होंने दोषी डॉक्टरों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग की।
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प्रशासन के बयान का इंतजार
घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि चिकित्सकीय लापरवाही साबित होती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं, समाचार लिखे जाने तक डीएमसीएच प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। पुलिस और अस्पताल प्रशासन मामले की जानकारी जुटाने में लगे हुए हैं। अब सभी की निगाहें संभावित जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं। इस घटना ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

