भारत में हो रहे विरोध प्रदर्शनों पर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो की टिप्पणी, कहा- यह भारत का अंदरूनी मामला
भारत दौरे पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने देश में विपक्ष और छात्रों द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों पर संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों की राय से असहमति जताई है। उन्होंने इसे भारत का एक…
भारत दौरे पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने देश में विपक्ष और छात्रों द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों पर संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों की राय से असहमति जताई है। उन्होंने इसे भारत का एक "घरेलू राजनीतिक मामला" बताते हुए किसी भी तरह की टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था की प्रशंसा की।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, रूबियो ने यह बातें अमेरिकी मीडिया से बातचीत के दौरान कहीं, जिसे फॉक्स न्यूज ने बुधवार को प्रसारित किया। जब उनसे भारत में चल रहे प्रदर्शनों और इस पर संयुक्त राष्ट्र विशेषज्ञों की आलोचना के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "यूएन एक्सपर्ट्स... मेरे फेवरेट हैं। यूएन एक्सपर्ट्स खुद में ही एक विरोधाभास है।"
भारत के आंतरिक मामलों में दखल नहीं
अमेरिकी विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि वह भारत की राजनीति में शामिल नहीं होना चाहते। उन्होंने कहा, "यहां लोकतंत्र है, चुनाव होते हैं। मैं उनके घरेलू राजनीतिक मामलों पर टिप्पणी नहीं करूंगा। ऐसे तो हमारे यहां अमेरिका में हर दिन विरोध प्रदर्शन होते हैं।"
रूबियो ने विरोध प्रदर्शन और दंगों के बीच अंतर पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, "मैं दंगों की बात नहीं कर रहा, जैसे आप यूरोप में देख रहे हैं जहां तोड़फोड़ हो रही है, इमारतों में घुसा जा रहा है और उन्हें जलाया जा रहा है।" उनके मुताबिक, लोगों का अपनी बात रखने के लिए बाहर निकलना इस बात का संकेत है कि यह एक ऐसा देश है जहां राजनीतिक चर्चा और मतभेद की गुंजाइश है।
लोकतंत्र और विपक्ष पर विचार
अपनी बात को और स्पष्ट करने के लिए उन्होंने क्यूबा का उदाहरण दिया। रूबियो ने कहा, "उदाहरण के लिए क्यूबा में ऐसा कोई विपक्ष नहीं है जो जेल गए बिना या दमन और निर्वासन झेले बिना बाहर निकलकर कुछ कर सके। हम आंतरिक राजनीतिक मामलों पर टिप्पणी नहीं करेंगे; यह भारत के लोगों को तय करना है।"
उल्लेखनीय है कि अमेरिकी विदेश मंत्री मंगलवार को अपनी पत्नी जेनेट के साथ मुंबई पहुंचे थे। अपने तय कार्यक्रम के तहत उन्होंने शाम को भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की और रक्षा से लेकर ऊर्जा सुरक्षा जैसे मुद्दों पर गहन चर्चा की। बाद में उन्होंने पत्रकारों को बताया कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता जल्द ही हो जाएगा।
इनपुट: IANS



