BRICS शिखर सम्मेलन 2024: भारत मंडपम में जुटेंगे दुनिया के नेता, जानें दो दिनों का पूरा कार्यक्रम
नई दिल्ली के भारत मंडपम में 12 और 13 सितंबर को 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आयोजन होने जा रहा है। भारत की अध्यक्षता में हो रहे इस दो दिवसीय आयोजन का पूरा कार्यक्रम विदेश मंत्रालय ने जारी कर दिया है…
नई दिल्ली के भारत मंडपम में 12 और 13 सितंबर को 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आयोजन होने जा रहा है। भारत की अध्यक्षता में हो रहे इस दो दिवसीय आयोजन का पूरा कार्यक्रम विदेश मंत्रालय ने जारी कर दिया है, जिसमें सदस्य देशों के अलावा साझेदार और आमंत्रित देशों के शीर्ष नेता भी शिरकत करेंगे। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस सम्मेलन के लिए आधिकारिक विषय “बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी” तय किया गया है।
यह शिखर सम्मेलन भारत के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, क्योंकि देश चौथी बार इस समूह की अध्यक्षता कर रहा है। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष ब्रिक्स समूह अपनी स्थापना के 20 वर्ष भी पूरे कर रहा है। भारत की अध्यक्षता के दौरान अब तक 25 से अधिक शहरों में 350 से ज़्यादा बैठकें और उच्च-स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं।
पहले दिन (12 सितंबर) का कार्यक्रम
शनिवार को ब्रिक्स सदस्य देशों के नेताओं का भारत मंडपम में आगमन होगा। दिन का पहला बड़ा कार्यक्रम दोपहर लगभग 2:35 बजे एक बंद सत्र होगा, जिसका विषय “समावेशी वैश्विक शासन और बहुपक्षवाद को मजबूत करना” है। इसके बाद, शाम 4:25 बजे नेतागण “भारत इनोवेट्स एग्जीबिशन” का अवलोकन करेंगे। शाम 5:05 बजे एक फैमिली फोटो और 5:10 बजे संयुक्त वृक्षारोपण कार्यक्रम निर्धारित है। दिन का समापन प्रधानमंत्री द्वारा आयोजित गाला डिनर के साथ होगा, जो शाम 7:30 बजे भारत मंडपम के लेवल-3 पर होगा।
दूसरे दिन (13 सितंबर) की गतिविधियाँ
सम्मेलन के दूसरे दिन रविवार को सुबह 9:55 बजे साझेदार और 'आउटरीच प्रोग्राम' के तहत आमंत्रित अन्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों का आगमन होगा। सुबह 10:35 बजे एक और फैमिली फोटो सेशन होगा। इसके ठीक बाद, सुबह 10:50 बजे सम्मेलन का सबसे महत्वपूर्ण खुला सत्र शुरू होगा। इसका विषय “बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी: शेपिंग द फ्यूचर फॉर इंक्लूसिव ग्लोबल ग्रोथ” रखा गया है। इस सत्र में सभी नेता वैश्विक विकास, आर्थिक सहयोग और भविष्य की चुनौतियों पर अपने विचार साझा करेंगे।
सम्मेलन के दौरान वैश्विक शासन में सुधार, व्यापार, वित्त, तकनीक, ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास जैसे मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने पर जोर दिए जाने की उम्मीद है।
इनपुट: IANS



