बरनाला लाठीचार्ज: पंजाब में 25,000 सफाई कर्मचारी हड़ताल पर, शहरों में कचरा संकट की आशंका
पंजाब के शहरों में आने वाले दिनों में गंदगी और कचरे का संकट गहरा सकता है। बरनाला में पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज के विरोध में राज्य भर के करीब 25,000 सफाई कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए…
पंजाब के शहरों में आने वाले दिनों में गंदगी और कचरे का संकट गहरा सकता है। बरनाला में पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज के विरोध में राज्य भर के करीब 25,000 सफाई कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, कर्मचारियों ने पंजाब सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए काम पूरी तरह ठप कर दिया है, जिससे शहरों में कूड़े के ढेर लगने लगे हैं।
यह हड़ताल पंजाब नगर पालिका कर्मचारी संगठन के आह्वान पर की गई है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल थापर ने पुलिस की कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, यह हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने दावा किया कि राज्य की 166 नगर परिषदों, नगर पंचायतों और नगर निगमों के कर्मचारी इस हड़ताल में शामिल हैं।
क्या हैं प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें?
प्रदर्शन कर रहे सफाई कर्मचारियों ने सरकार और पुलिस प्रशासन के सामने अपनी कुछ प्रमुख मांगें रखी हैं। संगठन की मांग है कि बरनाला में लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदार एसएचओ, डीएसपी और एसएसपी को तत्काल निलंबित किया जाए। इसके अलावा, दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट, हत्या के प्रयास और महिलाओं से छेड़छाड़ के आरोपों के तहत मामला दर्ज करने की भी मांग की गई है।
'सरकार की चुप्पी पर उठाए सवाल'
संगठन के अध्यक्ष गोपाल थापर ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार इस पूरे मामले पर चुप है और अरविंद केजरीवाल के इशारे पर काम कर रही है। उन्होंने कहा, "अरविंद केजरीवाल दिल्ली में मगरमच्छ के आंसू बहा रहे हैं और पंजाब में अत्याचार हो रहा है।" थापर ने यह भी कहा कि पंजाब में पहले कभी भी सफाई कर्मचारियों पर इस तरह लाठीचार्ज नहीं हुआ था। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
इनपुट: IANS



