बुधवार, 23 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
राजनीति

TMC सिंबल विवाद: पार्टी फंड से ₹30 करोड़ के ट्रांसफर का आरोप, अभिषेक बनर्जी ने सरकार पर साधा निशाना

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के चुनाव चिन्ह को लेकर चल रही आंतरिक कलह ने अब एक बड़े वित्तीय विवाद का रूप ले लिया है। विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने आरोप लगाया है कि पार्टी के…

TMC सिंबल विवाद: पार्टी फंड से ₹30 करोड़ के ट्रांसफर का आरोप, अभिषेक बनर्जी ने सरकार पर साधा निशाना
(फोटो: IANS)

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के चुनाव चिन्ह को लेकर चल रही आंतरिक कलह ने अब एक बड़े वित्तीय विवाद का रूप ले लिया है। विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने आरोप लगाया है कि पार्टी के खाते से लगभग 30 करोड़ रुपये एक ऐसी कंपनी को ट्रांसफर किए गए, जो अभिषेक बनर्जी से जुड़ी बताई जा रही है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस आरोप के बाद बंगाल की राजनीति में एक नया तूफान खड़ा हो गया है।

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ऋतब्रत बनर्जी ने दावा किया है कि यह रकम 'लीप्स एंड बाउंड्स' नामक कंपनी को दी गई, जो पहले से ही शिक्षक भर्ती घोटाले (SSC स्कैम) में जांच का सामना कर रही है और चार्जशीटेड है। उन्होंने कहा कि सिंबल विवाद की आड़ में इस फंड ट्रांसफर के खेल से ध्यान भटकाने की कोशिश की जा रही है।

“यह सबसे बड़े राजनीतिक घोटालों में से एक”

विपक्ष के नेता ने इस मामले को देश के सबसे बड़े राजनीतिक घोटालों में से एक बताया। उन्होंने कहा, "सुप्रीम कोर्ट में सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि लगभग 30 करोड़ रुपए लीप्स एंड बाउंड्स नाम की कंपनी को ट्रांसफर किए गए।" बनर्जी ने पार्टी के भीतर पारदर्शिता की कमी पर सवाल उठाते हुए कहा, "पूरे भारत के राजनीतिक इतिहास में ऐसा कभी हुआ है, कोई सोच भी नहीं सकता था, जहां कोई अकाउंट या रिकॉर्ड बुक नहीं है और जो 'डॉ.' ममता बनर्जी कहती हैं, वही सही माना जाता है।"

उन्होंने आगे कहा, "सिर्फ चुनाव चिन्ह का जिक्र मत करो, हर चीज के बारे में बोलो... उनकी नजरें पूरी तरह से फंड पर टिकी हैं, क्योंकि जब यह सब सामने आएगा कि पार्टी का पैसा भतीजे की कंपनी को भेजा जा रहा है, तो छवि को और भी ज्यादा नुकसान होगा।"

अभिषेक बनर्जी का पलटवार

इन आरोपों के बीच, तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने केंद्र की भाजपा सरकार पर सरकारी एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लिखा कि पार्टी का साइन बोर्ड हटाने के बाद अब उनके कार्यालय में फायर सेफ्टी ऑडिट के लिए फायर डिपार्टमेंट को भेजा गया है, जिसे उन्होंने "पब्लिसिटी स्टंट" और "मीडिया का तमाशा" करार दिया।

अभिषेक ने अपनी पोस्ट में सवाल उठाया, "अफसोस की बात है कि यह जबरदस्त जोश तब कहीं नहीं दिखा था, जब चुनाव के सिर्फ एक महीने के अंदर ही एक रहस्यमयी आग में 4,000 कंट्रोल यूनिट, 4,000 बैलेट यूनिट और 4,000 वीवीपैट जलकर खाक हो गए थे। तब फायर सेफ्टी को लेकर ऐसी चिंता क्यों नहीं हुई?" उन्होंने भाजपा और चुनाव आयोग पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि 12,000 चुनावी मशीनों के जलने पर कोई फर्क नहीं पड़ा, लेकिन विपक्षी दल के दफ्तर की चिंता अचानक बढ़ गई है।

इनपुट: IANS

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News4Social राजनीति डेस्क

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