'बाबर जनता पार्टी' वाले बयान पर भाजपा का पलटवार — उद्धव पर 'औरंगजेब जनता पार्टी' का तंज
महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों मुगल इतिहास के नाम पर जुबानी जंग छिड़ी हुई है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भारतीय जनता पार्टी को "बाबर जनता पार्टी" करार दिया, जिसके बाद
महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों मुगल इतिहास के नाम पर जुबानी जंग छिड़ी हुई है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भारतीय जनता पार्टी को "बाबर जनता पार्टी" करार दिया, जिसके बाद भाजपा नेताओं ने उन पर तीखे पलटवार किए। IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस बयानबाजी ने राज्य के सियासी माहौल को और गर्म कर दिया है।
भातखलकर का तंज — 'औरंगजेब जनता पार्टी'
भाजपा विधायक अतुल भातखलकर ने उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा, "उद्धव ठाकरे की खुद की पार्टी 'औरंगजेब जनता पार्टी' है, क्योंकि औरंगजेब की कब्र पर जाकर फूल चढ़ाने वाले प्रकाश अंबेडकर के साथ उन्होंने अलायंस किया था। अब औरंगजेब का नाम देने वाले कांग्रेस पार्टी के साथ उनका अलायंस है और इसके लिए मैं उद्धव ठाकरे को इतना ही कहूंगा कि वो बाबर की उठापटक न करें।"
भातखलकर ने इसी मौके पर महाराष्ट्र में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू किए जाने की भी पैरवी की। उन्होंने बताया कि इस विषय पर उन्होंने विधानसभा में एक प्राइवेट मेंबर बिल पेश किया है और उन्हें उम्मीद है कि मौजूदा विधानसभा सत्र में इस पर चर्चा हो सकेगी। उन्होंने यह भी जोड़ा कि जिस तरह राज्य सरकार ने एंटी कन्वर्जन बिल लाने की घोषणा की है, उसी तर्ज पर आने वाले समय में यूसीसी बिल भी सदन में लाया जाएगा।
संजय उपाध्याय बोले — 'हिंदुत्व छोड़ा तो जनता ने साथ छोड़ा'
भाजपा विधायक संजय उपाध्याय ने भी उद्धव ठाकरे की टिप्पणी को आड़े हाथों लिया। उन्होंने सवाल उठाया, "स्वर्गीय हिंदू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे के हिंदुत्व के विचार छोड़ने के बाद उद्धव ठाकरे को बाबर नहीं याद आएगा तो और कौन याद आएगा? भारतीय जनता पार्टी को बदनाम करने से अच्छा वो अपने दामन को देखें। जब से उन्होंने हिंदुत्व छोड़ा है, महाराष्ट्र की जनता ने उनका साथ छोड़ दिया है। अब उनके पास बाबर के सिवाय कोई पर्याय नहीं है। दुर्भाग्य की बात है कि उद्धव ठाकरे इस प्रकार की अनर्गल बातें करते हैं।"
टीईटी पेपर लीक पर भी सरकार का रुख स्पष्ट
उपाध्याय ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पेपर लीक विवाद पर भी सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में यदि परीक्षा में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या घोटाले की पुष्टि होती है, तो दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के मामलों में पहले से ही कठोर रवैया अपना रही है और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
इनपुट: IANS



