बाबा सिद्दीकी हत्याकांड: बेटी ने मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच पर उठाए गंभीर सवाल, कोर्ट में दी अर्जी
महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री और एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या के मामले में एक अहम मोड़ आया है। उनकी बेटी शहजीन जियाउद्दीन सिद्दीकी ने मुंबई की एक विशेष अदालत में अर्जी दाखिल कर मुंबई क्राइम ब्रांच
महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री और एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या के मामले में एक अहम मोड़ आया है। उनकी बेटी शहजीन जियाउद्दीन सिद्दीकी ने मुंबई की एक विशेष अदालत में अर्जी दाखिल कर मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, शहजीन ने आरोप लगाया है कि एजेंसी मामले के मुख्य आरोपी अनमोल बिश्नोई से पूछताछ करने में गंभीरता नहीं दिखा रही है।
शहजीन ने अपनी याचिका में अदालत से आग्रह किया है कि वह जांच एजेंसी को निर्देश दे कि मामले के वांछित मुख्य आरोपी अनमोल बिश्नोई को तुरंत अपनी हिरासत में लेकर पूछताछ करे। उनकी मांग है कि बिश्नोई को अन्य आरोपियों के साथ मुकदमे का सामना करने के लिए अदालत में पेश किया जाए, ताकि सुनवाई बिना किसी देरी के पूरी हो सके।
जांच पर परिवार के आरोप
अर्जी में कहा गया है कि मुंबई क्राइम ब्रांच द्वारा दायर आरोप-पत्र में अनमोल बिश्नोई को हत्याकांड का मुख्य आरोपी बताया गया है, इसके बावजूद उसकी कस्टडी हासिल करने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। शहजीन ने दावा किया कि उनके परिवार ने खुद जानकारी जुटाई थी कि अनमोल बिश्नोई अमेरिका के आयोवा में डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) की हिरासत में है। यह सूचना अधिकारियों को देने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
परिवार का मानना है कि पुलिस ने केवल एक सीमित दायरे में जांच की है। उनका आरोप है कि जांच हत्या की असली वजह और साजिश के मुख्य स्रोत तक नहीं पहुंच पाई है। शहजीन ने कहा कि उनके भाई जीशान सिद्दीकी ने अपने बयान में कुछ संदिग्ध लोगों के नाम भी बताए थे, लेकिन क्राइम ब्रांच ने उनसे पूछताछ करना जरूरी नहीं समझा।
अनमोल बिश्नोई की कस्टडी का मामला
याचिका के अनुसार, बाद में अमेरिकी सरकार ने अनमोल बिश्नोई को भारत भेज दिया। यहां वह राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की हिरासत में रहा और अब न्यायिक हिरासत में है। शहजीन का कहना है कि यही सही समय था जब मुंबई क्राइम ब्रांच को उसकी कस्टडी लेकर इस हत्याकांड में पूछताछ करनी चाहिए थी, लेकिन एजेंसी ने ऐसा नहीं किया।
परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि अगर बिश्नोई से पूछताछ होती है तो हत्या के पीछे का वास्तविक मकसद और साजिशकर्ताओं की भूमिका उजागर हो सकती है, और शायद इसी वजह से क्राइम ब्रांच उसकी कस्टडी लेने से बच रही है।
अदालती कार्यवाही और भविष्य की चिंता
इस मामले में 27 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय हो चुके हैं और ट्रायल शुरू होने वाला है। सुनवाई के दौरान अदालत ने भी विशेष लोक अभियोजक से पूछा था कि वांछित आरोपी को पेश करने के लिए क्या कदम उठाए गए, जिसका संतोषजनक जवाब नहीं मिल सका।
शहजीन ने चिंता जताई है कि अगर अनमोल बिश्नोई को बाद में गिरफ्तार किया जाता है तो ट्रायल की प्रक्रिया दोबारा करनी पड़ सकती है, जिससे न्यायिक समय और सरकारी संसाधनों की बर्बादी होगी। इसलिए उन्होंने मांग की है कि क्राइम ब्रांच को तुरंत उसकी कस्टडी लेकर मौजूदा ट्रायल का हिस्सा बनाना चाहिए।
इनपुट: IANS



