ऑस्ट्रेलियाई एयरलाइन क्वांटस का ड्रीमलाइनर विमान खटमलों के कारण ग्राउंड, रोम-पर्थ उड़ान रद्द
ऑस्ट्रेलिया की प्रमुख विमानन कंपनी क्वांटस को अपनी एक उड़ान में खटमलों की समस्या के कारण विमान को अस्थायी रूप से सेवा से बाहर करना पड़ा। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह घटना कंपनी के बोइंग 787…
ऑस्ट्रेलिया की प्रमुख विमानन कंपनी क्वांटस को अपनी एक उड़ान में खटमलों की समस्या के कारण विमान को अस्थायी रूप से सेवा से बाहर करना पड़ा। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह घटना कंपनी के बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान में हुई, जिसके बाद रोम में इसकी गहन सफाई की गई। इस वजह से यात्रियों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा और उनकी आगे की यात्रा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ी।
यह मामला 9 अक्टूबर को पर्थ से रोम जा रही क्वांटस की उड़ान संख्या क्यूएफ5 का है। यात्रा के दौरान इकोनॉमी क्लास के अगले हिस्से में यात्रियों ने 'बेडबग' यानी खटमल होने की शिकायत की। ये छोटे परजीवी कीड़े होते हैं जो इंसानों का खून चूसते हैं और कपड़ों या सीटों जैसी जगहों पर छिप जाते हैं, जिससे इन्हें खत्म करना मुश्किल होता है।
यात्रियों को हुई असुविधा, उड़ान रद्द
विमान के रोम पहुंचने के बाद, खटमलों की समस्या के चलते इसे तत्काल सफाई के लिए ग्राउंड कर दिया गया। नतीजतन, 10 अक्टूबर को रोम से पर्थ के लिए निर्धारित वापसी उड़ान को रद्द करना पड़ा। क्वांटस ने एक बयान जारी कर इस घटना की पुष्टि की और बताया कि इंजीनियरों और रखरखाव दल ने विमान की पूरी तरह से सफाई की है। कंपनी ने उड़ान रद्द होने से यात्रियों को हुई परेशानी के लिए माफी भी मांगी।
कंपनी का स्पष्टीकरण और आगे की व्यवस्था
क्वांटस के मुताबिक, प्रभावित यात्रियों के लिए ठहरने का इंतजाम किया गया और उन्हें उनकी मूल उड़ान के 48 घंटों के भीतर दूसरी उड़ानों से भेजा गया। कंपनी ने यह भी कहा कि वह अपने विमानों के केबिन की नियमित रूप से उच्च मानकों पर सफाई करती है और हर 50 दिन में एहतियात के तौर पर कीटाणुनाशक का छिड़काव भी किया जाता है। माना जा रहा है कि खटमल किसी यात्री के सामान या कपड़ों के जरिए ही विमान में पहुंचे होंगे।
हालांकि खटमलों के काटने से आमतौर पर कोई गंभीर स्वास्थ्य समस्या नहीं होती, लेकिन इससे त्वचा पर खुजली और जलन हो सकती है। ये बिना भोजन के भी लंबे समय तक जीवित रह सकते हैं, जिससे इनसे निपटना एक चुनौती बन जाता है।
इनपुट: IANS



